Shani Chalisa : शनि देव का डर सताता है? हर शनिवार करें ये एक अचूक पाठ, सारे कष्ट हो जाएंगे दूर
News India Live, Digital Desk: शनिवार का दिन आते ही बहुत से लोगों के मन में एक डर सा बैठ जाता है - शनि देव का डर! 'साढ़ेसाती' और 'ढैय्या' जैसे शब्द सुनते ही हम घबरा जाते हैं. हमें लगता है कि शनि देव सिर्फ कष्ट और परेशानियां ही देते हैं. लेकिन क्या यह पूरा सच है?
सच तो यह है कि शनि देव कोई शत्रु नहीं, बल्कि 'कर्मफल दाता' और 'न्याय के देवता' हैं. वो हमें हमारे कर्मों का फल देते हैं - अच्छे कर्मों का अच्छा फल और बुरे कर्मों का बुरा. अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति ठीक नहीं है या आप साढ़ेसाती-ढैय्या से गुजर रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ज्योतिष में एक ऐसा बहुत ही सरल और शक्तिशाली उपाय बताया गया है, जिसे करने से शनि देव का प्रकोप शांत होता है और उनकी कृपा बरसने लगती है.
और वो उपाय है - श्री शनि चालीसा का पाठ.
क्यों इतनी चमत्कारी है शनि चालीसा?
चालीसा का मतलब है चालीस चौपाइयां. शनि चालीसा में शनि देव के स्वरूप, उनकी महिमा और उनके गुणों का बहुत ही सुंदर वर्णन किया गया है. जब कोई भक्त सच्चे मन और पूरी श्रद्धा से इसका पाठ करता है, तो वह शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे आसान रास्ता अपनाता है. यह पाठ शनि देव तक आपकी प्रार्थना पहुंचाने का सबसे सीधा जरिया है.
शनि चालीसा के पाठ से मिलते हैं ये फायदे:
- साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है: अगर आप शनि की महादशा से परेशान हैं, तो नियमित रूप से शनि चालीसा का पाठ आपको बहुत राहत दे सकता है.
- काम में आ रही बाधाएं दूर होती हैं: अगर आपके बनते-बनते काम बिगड़ जाते हैं या हर काम में रुकावट आती है, तो यह पाठ आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है.
- आर्थिक तंगी से छुटकारा: शनि देव की कृपा से धन से जुड़ी समस्याएं भी दूर होने लगती हैं.
- मन को मिलती है शांति: शनि का प्रकोप इंसान को मानसिक रूप से भी परेशान करता है. इस पाठ से मन शांत होता है और डर दूर होता है.
- सेहत रहती है अच्छी: माना जाता है कि शनि चालीसा का पाठ करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी कम होती हैं.
कैसे करें शनि चालीसा का पाठ? (एकदम सरल विधि)
इस पाठ को करने के लिए आपको किसी पंडित या बड़े कर्मकांड की जरूरत नहीं है. आप इसे बहुत आसानी से घर पर ही कर सकते हैं:
- कब करें: शनि चालीसा का पाठ करने का सबसे अच्छा दिन शनिवार है. कोशिश करें कि हर शनिवार, खासकर शाम को सूर्यास्त के बाद यह पाठ करें.
- तैयारी: शाम को स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहनें. अगर संभव हो तो काले या नीले रंग के कपड़े पहनें.
- पूजा की व्यवस्था: अपने पूजा घर में शनि देव की तस्वीर या मूर्ति के सामने बैठें. अगर मूर्ति नहीं है तो मन में उनका ध्यान करें. एक सरसों के तेल का दीपक (दीया) जरूर जलाएं.
- पाठ की शुरुआत: अब पूरी श्रद्धा और शांत मन से शनि चालीसा का पाठ शुरू करें. शब्दों का उच्चारण साफ-साफ करें.
- पाठ के बाद: पाठ पूरा होने के बाद शनि देव की आरती करें और उनसे अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें. आप उन्हें काले तिल या गुड़ का भोग भी लगा सकते हैं.
बस इतना ही! शनि देव को आडम्बर नहीं, सच्ची भक्ति पसंद है. अगर आप हर शनिवार नियम से यह छोटा सा काम करते हैं, तो आप खुद महसूस करेंगे कि आपके जीवन से मुश्किलें धीरे-धीरे कम हो रही हैं और शनि देव की कृपा आप पर बरस रही है.