Sensation on Jharkhand Encounter : छात्र सूर्या हांसदा की मौत की जांच CID को सौंपी गई, खुलेगी फर्जी मुठभेड़ की पोल
News India Live, Digital Desk: Sensation on Jharkhand Encounter : झारखंड की चंपाई सरकार ने राज्य के सबसे संवेदनशील माने जा रहे सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई की है! 19 अगस्त 2025 को कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बोडियो के छात्र सूर्या हांसदा की मौत की जांच अब डीजीपी अजय कुमार सिंह ने क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दी है. यह फैसला तब आया है, जब सूर्या हांसदा के परिवार वाले लगातार इसे 'फर्जी एनकाउंटर' बताकर सीबीआई जांच और मुआवज़े की मांग कर रहे हैं.
क्या था मामला? पुलिस और परिवार के अलग-अलग दावे
यह मामला साहिबगंज के सक्रुगढ़ थाना क्षेत्र में बरहेट-राजमहल हाईवे के पास का है.
- पुलिस का दावा: पुलिस का कहना है कि सूर्या हांसदा (25) 'झारखंड जन मुक्ति परिषद' (JJMP) नामक एक नक्सली संगठन का सदस्य था. 19 अगस्त की सुबह हुए पुलिस एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई और उसके पास से हथियार भी बरामद किए गए थे. पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज की है, जिसमें हथियार मिलने और नक्सली गतिविधियों का जिक्र है.
- परिवार का आरोप: दूसरी ओर, सूर्या हांसदा के परिजन पुलिस के दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं. उनका कहना है कि सूर्या एक छात्र था, न कि नक्सली. परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस उसे उठाकर ले गई और उसकी हत्या करने के बाद उसे नक्सली बता दिया.
CID को क्यों सौंपी गई जांच? क्या मिलेगी सच्चाई?
इस मामले की गंभीरता और विरोधाभासी बयानों को देखते हुए, डीजीपी अजय कुमार सिंह ने CID को जांच की जिम्मेदारी दी है. माना जा रहा है कि यह फैसला मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. CID की टीम ने पहले ही घटनास्थल का दौरा कर अपनी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि CID की जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और क्या यह कथित फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर विराम लगा पाएगी.
परिवार ने राज्य सरकार से CBI जांच की मांग की थी और मुआवजा देने की बात भी कही थी. देखना होगा कि सरकार इस दिशा में आगे क्या कदम उठाती है. यह मामला चंपाई सोरेन सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.