Semicon India 2025 : मोबाइल से लेकर मिसाइल तक, सबमें लगेगी मेड इन इंडिया चिप, जानिए भारत का सबसे बड़ा मिशन

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News India Live, Digital Desk:  Semicon India 2025 : आज दुनिया भारत पर भरोसा करती है... और हमारे साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने को तैयार है." ये शब्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैं, जिन्होंने 'सेमीकॉन इंडिया 2025' के मंच से पूरी दुनिया को भारत की तैयारियों का संदेश दे दिया. नई दिल्ली में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में पीएम मोदी ने दुनिया की दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनियों के CEOs के साथ एक अहम बैठक की और भारत को इस क्षेत्र का ग्लोबल हब बनाने के अपने विज़न को साझा किया

क्या है सेमीकंडक्टर और यह इतना ज़रूरी क्यों है?

सेमीकंडक्टर, जिन्हें हम आम भाषा में 'चिप' कहते हैं, आज की टेक्नोलॉजी की दुनिया का दिल और दिमाग़ हैं.आपके मोबाइल फोन से लेकर कारों तक और मेडिकल उपकरणों से लेकर डिफेन्स के साजो-सामान तक, हर इलेक्ट्रॉनिक चीज़ इन्हीं चिप्स पर चलती है.अब तक भारत चिप बनाने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा है, लेकिन अब सरकार इस स्थिति को पूरी तरह बदलना चाहती है.

"चिप्स आज के 'डिजिटल डायमंड' हैं" - पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने बहुत ही सरल शब्दों में चिप्स की अहमियत बताई. उन्होंने कहा कि पिछली सदी में दुनिया तेल पर चलती थी, जिसे 'ब्लैक गोल्ड' कहा जाता था. आज की दुनिया की ताक़त नाखून से भी छोटी चिप में है और ये चिप्स 'डिजिटल डायमंड' यानी डिजिटल हीरे हैं. पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि वह दिन दूर नहीं, जब भारत में बनी सबसे छोटी चिप दुनिया में सबसे बड़े बदलाव लेकर आएगी.

भारत की तैयारी: मिशन मोड में काम जारी

सरकार ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत 76,000 करोड़ रुपये की बड़ी योजना शुरू की है.[3][8][9] इसका असर भी दिखने लगा है:

  • देश में 10 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें करीब 1.5 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है.
  • गुजरात, असम जैसी जगहों पर चिप बनाने की यूनिट्स तेज़ी से तैयार हो रही हैं.
  • टाटा और माइक्रोन जैसी कंपनियां जल्द ही भारत में बनी कमर्शियल चिप्स का उत्पादन शुरू कर देंगी.
  • पीएम मोदी को भारत में बनी पहली चिप 'विक्रम' भी भेंट की गई, जो देश के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है

ग्लोबल कंपनियों को भारत पर भरोसा क्यों?

दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां आज भारत की ओर उम्मीद से देख रही हैं. AMD जैसी कंपनी ने 400 मिलियन डॉलर के निवेश की बात कही है इसके पीछे बड़ी वजहें हैं:

  • टैलेंट: दुनिया के 20% चिप डिज़ाइन इंजीनियर भारतीय हैं.
  • बड़ा बाज़ार: भारत में सेमीकंडक्टर की मांग बहुत तेज़ी से बढ़ रही है और 2030 तक इसके 100 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.
  • सरकार का साथ: सरकार ने कंपनियों के लिए नियम आसान कर दिए हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो

यह सम्मेलन सिर्फ़ एक इवेंट नहीं, बल्कि भारत की उस बड़ी छलांग का ऐलान है, जो उसे टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बहुत बड़ी शक्ति बनाने जा रहा है.