Saphala Ekadashi 2025 date: हर काम में मिलेगी सफलता, बस 15 दिसंबर को कर लें श्री हरि की आराधना
Saphala Ekadashi 2025 date: साल 2025 अपने आखिरी पड़ाव पर है और कल (5 दिसंबर) से हिंदू पंचांग का पवित्र 'पौष' महीना शुरू होने जा रहा है। पौष महीने की शुरुआत में ही एक ऐसा व्रत आने वाला है, जिसका नाम ही इसकी महिमा बताता है -'सफला एकादशी'।
जैसा कि नाम से साफ है, 'सफला' यानी 'सफल करने वाली'। हिंदू धर्म में मान्यता है कि अगर आप पूरी श्रद्धा के साथ इस एकादशी का व्रत रखते हैं, तो आपके जीवन के रुके हुए काम बनने लगते हैं और हर क्षेत्र में कामयाबी आपके कदम चूमती है। शास्त्रों में तो यहाँ तक कहा गया है कि इस एक दिन का व्रत हजारों सालों की तपस्या के बराबर फल देता है।
नोट कर लें तारीख और समय (Saphala Ekadashi Date)
इस बार एकादशी की तिथि को लेकर ज्यादा उलझन नहीं है। पंचांग के मुताबिक, पौष कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 दिसंबर की रात 8 बजकर 46 मिनट पर शुरू हो जाएगी। यह तिथि अगले दिन, यानी 15 दिसंबर की रात 10 बजकर 09 मिनट तक रहेगी।
हमारे धर्म में 'उदयातिथि' (सूरज उगने के समय की तिथि) को ही मुख्य माना जाता है। इसलिए, सफला एकादशी का व्रत 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) को रखा जाएगा।
पूजा का 'गोल्डन टाइम' (शुभ मुहूर्त)
इस दिन पूजा के लिए दो बहुत ही खास समय बन रहे हैं।
- सुबह की पूजा: आप सूर्योदय से लेकर सुबह 11 बजकर 08 मिनट तक पूजा कर सकते हैं।
- सबसे खास (अभिजीत मुहूर्त): अगर आप चाहते हैं कि पूजा का फल दोगुना मिले, तो दोपहर 11:56 से 12:27 के बीच पूजा करें। इसे अभिजीत मुहूर्त कहते हैं और यह भगवान विष्णु की आराधना के लिए सर्वोत्तम है।
क्यों रखनी चाहिए सफला एकादशी?
हम सभी जीवन में किसी न किसी काम में रुकावट महसूस करते हैं। कभी नौकरी नहीं लगती, कभी बिजनेस ठप पड़ जाता है तो कभी घर में क्लेश रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से ये सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
इस दिन किया गया दान और पूजा 'अक्षय पुण्य' देता है (यानी ऐसा पुण्य जो कभी खत्म नहीं होता)। कहते हैं कि इस दिन सच्चे मन से मांगी गई कोई भी मनोकामना श्री हरि खाली नहीं जाने देते।
तो 15 दिसंबर को तैयार हो जाइए, अपने आराध्य को मनाने और जीवन को 'सफल' बनाने के लिए। "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करना न भूलें।