Sadhvi Prem Baisa Death : साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में बड़ा एक्शन जोधपुर पुलिस ने बनाई SIT
News India Live, Digital Desk: पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला गहराता जा रहा है। उनकी मृत्यु के बाद से ही अनुयायियों और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। बढ़ते जन आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम अब मौत के पीछे की कड़ियों को जोड़ने और साजिश के हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी।
क्या है पूरा मामला? (The Background)
साध्वी प्रेम बाईसा, जिनका जोधपुर और आसपास के इलाकों में बड़ा आध्यात्मिक प्रभाव था, हाल ही में मृत पाई गई थीं।
शुरुआती रिपोर्ट: शुरुआत में इसे प्राकृतिक मृत्यु या अचानक तबीयत बिगड़ना बताया गया था।
परिजनों के आरोप: साध्वी के परिजनों ने उनके करीबियों और आश्रम के कुछ संदिग्ध लोगों पर जहर देने या साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
संपत्ति विवाद का कोण: पुलिस इस मामले में आश्रम की करोड़ों की संपत्ति और उत्तराधिकार को लेकर चल रहे विवाद के एंगल से भी जांच कर रही है।
SIT की जांच के मुख्य बिंदु
गठित की गई एसआईटी (SIT) निम्नलिखित पहलुओं पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी:
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर विसरा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के नतीजों का दोबारा विश्लेषण किया जाएगा।
डिजिटल फुटप्रिंट्स: साध्वी के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और आखिरी कुछ दिनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
करीबियों से पूछताछ: आश्रम से जुड़े प्रमुख सेवादारों और उन लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं जो उनकी मौत के समय वहां मौजूद थे।
अनुयायियों में भारी आक्रोश
साध्वी प्रेम बाईसा के निधन के बाद उनके हजारों भक्तों में शोक और गुस्से की लहर है। भक्तों का कहना है कि साध्वी स्वस्थ थीं और उनकी अचानक मौत सामान्य नहीं हो सकती।
कैंडल मार्च और विरोध: जोधपुर के कई हिस्सों में भक्तों ने निष्पक्ष जांच के लिए प्रदर्शन किया है।
सोशल मीडिया कैंपेन: सोशल मीडिया पर भी 'जस्टिस फॉर प्रेम बाईसा' के जरिए दबाव बनाया जा रहा है, जिसके बाद पुलिस ने SIT का कदम उठाया है।