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April 30 2026 09:41 am

Rajasthan School Row: नाम बदलने पर राजस्थान में बवाल, शिक्षा विभाग ने पीछे खींचे कदम, AI द्वारा तैयार लिस्ट पर हुआ था विवाद

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान के सरकारी स्कूलों के 'अजीबोगरीब' लगने वाले नामों को बदलकर उनका 'नामकरण' महापुरुषों या स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर करने की शिक्षा विभाग की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। विभाग ने इस अभियान को स्थगित करने का फैसला लिया है। दरअसल, नाम बदलने की इस प्रक्रिया में अपनाई गई AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित लिस्ट और स्थानीय भावनाओं की अनदेखी ने इस पूरे मामले को विवादित बना दिया था।

1. क्या था पूरा विवाद?

शिक्षा विभाग ने प्रदेश के ऐसे स्कूलों को चिन्हित किया था जिनके नाम सुनने में 'अजीब' या 'अटपटे' (जैसे- गोबरिया, झोंपड़ी, गधा-खेड़ा आदि) लगते थे। विभाग का तर्क था कि इन नामों की वजह से बच्चों को हीन भावना महसूस होती है और उनका मजाक उड़ाया जाता है।

2. AI लिस्ट पर उठे सवाल

विवाद तब शुरू हुआ जब विभाग ने AI की मदद से स्कूलों की एक सूची तैयार की और उनके लिए नए नामों के सुझाव मांगे।

अभिभावकों का विरोध: ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि ये नाम उनकी सांस्कृतिक विरासत और इतिहास से जुड़े हैं। स्कूलों के नाम अक्सर उन गांवों या ढाणियों के नाम पर रखे गए थे जहाँ वे स्थित हैं।

पुरानी पहचान: लोगों का तर्क है कि नाम बदलने से स्कूलों की ऐतिहासिक पहचान और सरकारी दस्तावेजों में दर्ज उनकी पुरानी साख प्रभावित होगी।

3. विभाग का बैकफुट पर आना

विवाद बढ़ता देख शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाना चाहती।

नया निर्देश: अब यह तय किया गया है कि किसी भी स्कूल का नाम तब तक नहीं बदला जाएगा जब तक कि स्कूल की एसडीएमसी (SDMC) या अभिभावक-शिक्षक संघ इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित न कर दें।

स्थानीय महापुरुषों को वरीयता: यदि भविष्य में नाम बदला भी जाता है, तो उस क्षेत्र के स्थानीय शहीद या महापुरुष के नाम को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

4. शिक्षकों और छात्रों की राय

जहाँ एक ओर स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं, वहीं कुछ शिक्षकों और छात्रों का मानना है कि 'आधुनिक' नाम होने से स्कूल की छवि सुधरती है। हालांकि, अधिकांश का कहना है कि नाम से ज्यादा जरूरी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं और शिक्षकों की कमी को दूर करना है।