Rooftop Solar Yojana: अब बिजली बिल की टेंशन होगी खत्म! अपनी छत पर लगाएं सोलर पैनल और पाएं भारी सब्सिडी; जानें आवेदन का तरीका

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यूटिलिटी डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान हैं? सरकार की रूफटॉप सोलर योजना आपके लिए एक शानदार समाधान साबित हो सकती है। इस योजना के तहत आप अपनी घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर न केवल खुद के लिए मुफ्त बिजली पैदा कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली सरकार को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह योजना मध्यम वर्गीय परिवारों के घरेलू बजट को संतुलित करने में गेम-चेंजर साबित होगी।

कैसे काम करता है यह सिस्टम?

सोलर रूफटॉप सिस्टम सूरज की किरणों को बिजली में बदलता है। इसे 'नेट मीटरिंग' (Net Metering) के जरिए आपके घर के मेन ग्रिड से जोड़ दिया जाता है।

बचत का गणित: दिन के समय आपका घर सोलर से चलेगा। यदि आपके पैनल जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा करते हैं, तो वह ग्रिड में चली जाएगी। रात के समय आप ग्रिड से बिजली ले सकते हैं, जिसे आपके द्वारा दी गई बिजली से 'एडजस्ट' कर दिया जाएगा। इससे आपका महीने का बिल शून्य (Zero) तक आ सकता है।

सरकार से कितनी मिलेगी सब्सिडी?

सरकार इस योजना को सुलभ बनाने के लिए भारी वित्तीय सहायता दे रही है:

3 किलोवाट (kW) तक: सोलर सिस्टम लगवाने पर लागत का एक बड़ा हिस्सा (तकरीबन 40% तक) सब्सिडी के रूप में वापस मिल जाता है।

3 से 10 किलोवाट तक: इस क्षमता के लिए सब्सिडी का प्रतिशत थोड़ा कम होता है, लेकिन कुल बचत काफी अधिक होती है।

कम निवेश: सब्सिडी के बाद उपभोक्ताओं को केवल एक छोटा हिस्सा ही वहन करना होता है, जो 4-5 साल की बिजली बचत से ही वसूल हो जाता है।

आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया

रूफटॉप सोलर लगवाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान है:

ऑनलाइन पोर्टल: आपको सरकार के आधिकारिक 'नेशनल पोर्टल फॉर रूफटॉप सोलर' पर जाकर पंजीकरण करना होगा।

डिस्कॉम (DISCOM) से संपर्क: आप अपनी स्थानीय बिजली वितरण कंपनी से भी जानकारी ले सकते हैं।

सर्वे और इंस्टॉलेशन: आवेदन के बाद अधिकृत वेंडर आपके घर का सर्वे करेंगे और सोलर पैनल इंस्टॉल करेंगे। इसके बाद नेट मीटर लगाया जाएगा।

रूफटॉप सोलर के 3 बड़े फायदे

जीरो बिजली बिल: सही क्षमता का सिस्टम लगाने पर आपका बिल लगभग खत्म हो सकता है।

25 साल की वारंटी: सोलर पैनल आमतौर पर 25 साल तक चलते हैं, यानी एक बार का निवेश और सालों का आराम।

पर्यावरण को लाभ: सोलर एनर्जी से कार्बन उत्सर्जन कम होता है, जो ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने में मदद करता है।

कौन उठा सकता है लाभ?

यह योजना उन सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है जिनके पास अपनी खाली छत (शहरी या ग्रामीण) उपलब्ध है। चाहे आप दिल्ली के किसी अपार्टमेंट में हों या यूपी के किसी गांव में, आप इस योजना के लिए पात्र हैं।