दीपक बुझाने से लेकर पैसों के लेन-देन तक, लक्ष्मी पूजन के बाद भूलकर भी न करें ये 5 काम
प्रकाश और उल्लास के सबसे बड़े महापर्व दीपावली का इंतजार हर किसी को सालभर रहता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है ताकि घर में सुख, शांति, वैभव और समृद्धि का वास हमेशा बना रहे। हम सभी बहुत श्रद्धा के साथ अपने घरों को सजाते हैं, माता को भोग लगाते हैं और रातभर दीये जलाकर रोशनी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल लक्ष्मी पूजन करना ही काफी नहीं है, बल्कि पूजा संपन्न होने के बाद कुछ ऐसे विशेष नियम और सावधानियां भी हैं जिनका ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक होता है? यदि हम अनजाने में भी पूजा के तुरंत बाद कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिन्हें शास्त्रों में वर्जित माना गया है, तो माता लक्ष्मी रुष्ट होकर घर से जा सकती हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि हमें पता हो कि दीपावली की रात पूजा के बाद कौन से ऐसे पांच काम हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
पहला नियम: पूजन के बाद तुरंत न बुझाएं घर में जल रहे दीपक
दीपावली की रात माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए पूरे घर को दीयों की रोशनी से जगमगाया जाता है। मुख्य पूजा स्थल पर भी अखंड दीप या घी-तेल के कई दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं। बहुत से लोग यह गलती करते हैं कि पूजा समाप्त होने के तुरंत बाद या सोने जाने से पहले इन दीपकों को खुद बुझा देते हैं या फूंक मारकर शांत कर देते हैं, जिसे वास्तु और धार्मिक शास्त्रों में बहुत अशुभ माना गया है। दीपक का अपने आप जलते-जलते बुझना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन उसे जबरदस्ती या जानबूझकर बुझाना सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन में बाधा उत्पन्न करता है। कोशिश करनी चाहिए कि मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर रखे दीपक रातभर या कम से कम तब तक प्रज्वलित रहें जब तक वे स्वयं शांत न हो जाएं, ताकि घर में हमेशा प्रकाश और उजाला बना रहे।
दूसरा नियम: रात के समय पैसों या किसी भी कीमती वस्तु का लेन-देन न करें
दीपावली की रात को आर्थिक समृद्धि और माता लक्ष्मी के पूजन की रात माना जाता है। इस दिन भूलकर भी किसी को उधार पैसे नहीं देने चाहिए और न ही किसी से धन या कोई कीमती सामान उधार लेना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दीपावली की रात घर से धन बाहर भेजने का मतलब है कि आप माता लक्ष्मी को अपने घर से जाने का रास्ता दिखा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति इस रात किसी को नकद पैसे, सोना या उधार देता है, तो उसके घर की बरकत रुक सकती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए वित्तीय लेन-देन के मामलों में इस विशेष रात को पूरी तरह से सावधानी बरतनी चाहिए और किसी को भी खाली हाथ या कर्ज के रूप में कुछ नहीं देना चाहिए।
तीसरा नियम: घर के मुख्य द्वार पर अंधेरा रखना और साफ-सफाई की अनदेखी करना
माता लक्ष्मी का आगमन हमेशा उसी घर में होता है जो पूरी तरह साफ-सुथरा और रोशन होता है। दीपावली की रात पूजा हो जाने के बाद लोग अक्सर सो जाते हैं और घर के मुख्य दरवाजे की लाइट बंद कर देते हैं या वहां रखे दीये हटा लेते हैं। शास्त्रों के अनुसार, घर का मुख्य द्वार मां लक्ष्मी के प्रवेश का मार्ग होता है, इसलिए मुख्य द्वार पर रातभर रोशनी रहनी चाहिए और वहां कभी भी अंधेरा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, घर के कोने-कोने में गंदगी छोड़ देना या रात के समय घर में अत्यधिक कूड़ा-कचरा इकट्ठा रखना भी अशुभ माना गया है। पूजा के बाद भी घर में शांति, पवित्रता और सकारात्मकता का माहौल बनाए रखना चाहिए ताकि माता लक्ष्मी पूरे वर्ष आपके घर में वास कर सकें।
चौथा नियम: घर में कलह, वाद-विवाद या क्रोध करने से बचें
दीपावली का पावन पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और उल्लास का प्रतीक है। इस पवित्र रात को माता लक्ष्मी ऐसे घर में कभी वास नहीं करतीं जहां परिवार के सदस्यों के बीच आपसी कलह, गुस्सा, चिल्लाना या वाद-विवाद होता हो। पूजा संपन्न होने के बाद भी घर के सभी सदस्यों को संयम और शालीनता बनाए रखनी चाहिए। यदि घर में नकारात्मक ऊर्जा, तनाव या क्लेश का माहौल रहता है, तो कितनी भी पूजा-पाठ क्यों न कर ली जाए, उसका सकारात्मक फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए इस रात सभी को मिलजुलकर रहना चाहिए, बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए और अपने मन में किसी भी प्रकार के द्वेष या क्रोध को नहीं आने देना चाहिए, जिससे घर का माहौल हमेशा आनंदमय बना रहे।
पांचवां नियम: तामसिक भोजन, मदिरा या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन
दीपावली की रात को बेहद पवित्र और सात्विक रात्रि माना जाता है। इस दिन देश भर के करोड़ों लोग पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं और शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। पूजा संपन्न होने के बाद भी घर में किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन, लहसुन-प्याज युक्त अनुचित आहार, मदिरा या अन्य किसी भी तरह के नशीले पदार्थों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से न केवल धार्मिक नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि घर की पवित्रता भी भंग होती है, जिससे देवी-देवता नाराज हो सकते हैं। इन छोटे-छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण नियमों का पालन करके हम अपने जीवन में सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।