आप जिस PhonePe को रोज़ इस्तेमाल करते हैं, उस पर RBI ने लगाया 21 लाख का जुर्माना! जानिए क्यों?
क्या आप भी चाय की दुकान से लेकर शॉपिंग मॉल तक, हर छोटी-बड़ी पेमेंट के लिए फटाक से अपना फोन निकालकर PhonePe खोलते हैं? अगर हाँ, तो यह खबर सीधे आपसे जुड़ी हुई है। देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन पेमेंट कंपनी फोनपे पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा जुर्माना लगाया है।
यह जुर्माना कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि पूरे 21 लाख रुपये का है! अब आपके मन में सबसे पहला सवाल यही आ रहा होगा कि आखिर फोनपे ने ऐसी क्या गलती कर दी, और क्या इसका असर हम जैसे आम यूज़र्स पर भी पड़ेगा?
चलिए, इस पूरे मामले को बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
फोनपे ने आखिर की क्या थी गलती?
यह मामला हम और आप जो दिन भर में 100-200 रुपये का लेन-देन करते हैं, उससे जुड़ा हुआ नहीं है। यह मामला जुड़ा है विदेशों से आने वाले पैसे (Foreign Investment) से।
देखिए, RBI देश में पैसों के लेन-देन का सबसे बड़ा बॉस है, और उसने कुछ सख्त नियम बना रखे हैं। ऐसा ही एक नियम है फेमा (FEMA - Foreign Exchange Management Act)। इस कानून के तहत, जब भी कोई भारतीय कंपनी विदेशों से पैसा या निवेश लेती है, तो उसे इसकी पूरी जानकारी एक तय समय के अंदर RBI को देनी पड़ती है।
RBI ने अपनी जाँच में पाया कि फोनपे ने विदेशों से पैसा लेने के मामले में इन नियमों का ठीक से पालन नहीं किया। यानी, या तो उन्होंने जानकारी देने में देरी की या फिर प्रक्रिया में कोई और गड़बड़ी की। बस, RBI ने अपनी नज़र घुमाई और नियमों की इस अनदेखी के लिए फोनपे पर ₹20,95,500 (लगभग 21 लाख) का जुर्माना ठोक दिया।
अब सबसे ज़रूरी सवाल: क्या आपका पैसा सुरक्षित है?
इस खबर को सुनकर आपके मन में थोड़ी चिंता होना स्वाभाविक है। "कहीं मेरा पैसा तो खतरे में नहीं है?"
तो इसका सीधा और सरल जवाब है - बिल्कुल नहीं! आपको चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है, आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है।
यह जुर्माना आपके या मेरे जैसे ग्राहकों के लेन-देन से जुड़ा हुआ नहीं है। यह कंपनी और रेगुलेटर (RBI) के बीच का एक कॉरपोरेट मामला है, जिसमें कुछ कागज़ी नियमों का पालन नहीं किया गया। RBI ने भी यह साफ किया है कि इस जुर्माने से कंपनी द्वारा किए गए किसी भी लेन-देन की वैधता पर कोई सवाल नहीं उठाया गया है।