दुष्कर्मी रिश्तेदार रेलवे कर्मचारी को 14 साल की सश्रम कारावास,50 हजार जुर्माने की सजा

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अररिया 22 मार्च(हि.स.)।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तिवारी के कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में रिश्तेदार रेलवे कर्मचारी को 14 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।अपने फैसले के कोर्ट ने दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माने की रकम की अदायगी नहीं करने पर दोषी दुष्कर्मी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने के अलावा जुर्माने की रकम दोषी को पीड़िता के पक्ष में करने का आदेश अपने निर्णय में दिया। न्यायालय ने सजा सत्र वाद संख्या 200/2023 में यह फैसला सुनाया।जो अररिया महिला थाना प्राथमिकी कांड संख्या -71/2021 से संबंधित है।

सजा पाए जाने वाले दोषी पीड़िता के रिश्तेदार हैं और रेलवे के कर्मचारी हैं।दोषी दुष्कर्मी रेलवे ग्रुप डी के पद पर कुसियारगांव में पदस्थापित हैं। सजा पाए जाने वाले दोषी कटिहार के मैथिल टोला शिव मंदिर निवासी सुग्रीव साह के 39 वर्षीय पुत्र अभय रंजन उर्फ कुमार अभय रंजन है।

दोषी अभय रंजन ने पंद्रह सितम्बर 2021 को अपनी पत्नी की बीमारी का बहाना बनाकर पीड़िता के माता पिता से घर के कामकाज में सहयोग करने का भरोसा दिलाकर लाया था।पीड़िता के माता पिता ने दोषी रिश्तेदार के यहां पीड़िता को उसके छोटे भाई के साथ भेज दिया। कुसियारगांव में रेलवे के सरकारी क्वार्टर में दोषी ने दोनों भाई बहन को रखा।पत्नी की गैरमौजूदगी में पत्नी के पूर्णिया से शाम तक आने का झांसा देकर पीड़िता और उसके भाई को रोक रखा। फिर 16 सितम्बर 2021 को चाय में मादक पदार्थ देकर छोटे भाई को दूसरे कमरे में भेज दिया गया और दोषी अभय ने बेहोशी की हालत में पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।इतना ही नहीं पीड़िता के साथ दुष्कर्म का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर उसके साथ यौन शोषण करता रहा।पीड़िता के घर जाने की जिद पर प्राइवेट गाड़ी से पूर्णिया छोड़ दिया गया।जहां से पीड़िता किसी तरह घर पहुँची और अपने साथ हुई आपबीती परिजनों को सुनाई।

पीड़िता अपने गृह जिला कटिहार में प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक, कटिहार और स्थानीय थाना क्षेत्र में गई तो क्षेत्राधिकार को लेकर अररिया में ही केस दर्ज करवाने के लिए कहा गया। तब पीड़िता ने महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।इसके बाद भी दोषी के द्वारा पीड़िता को उसका वीडियो वायरल करने और रेलवे के यूनियन का प्रतिनिधि होने का धौस दिखाकर मामले को रफा दफा करने का दबाव बनाया गया।

सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए वरीय अधिवक्ता कृष्ण मोहन सिंह ने दोषी के छोटे छोटे बच्चों और असहाय पत्नी का हवाला देते हुए कम से कम सजा सुनाई जाने की गुहार लगाई। जबकि अपर लोक अभियोजक राजानंद पासवान ने रेलवे क्वार्टर में पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध नशीली दवा खिला कर घिनौनी कृत्य को अंजाम देने वाले दोषी के लिए अधिकतम सजा की मांग रखा। दोनों ही पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने दोषी की सजा मुक्ककर की।