कोटा के एमबीएस अस्पताल में हंगामा: दो मरीजों की मौत के बाद परिजनों का तांडव, रेजिडेंट डॉक्टर को पीटा
राजस्थान के कोटा संभाग के सबसे बड़े एमबीएस (MBS) अस्पताल में उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण और कूटनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया, जब इलाज के दौरान दो गंभीर मरीजों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान टोंक जिले के 25 वर्षीय किशन और बूंदी जिले के करीब 65 वर्षीय मदनलाल के रूप में हुई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दोनों ही मरीजों को सांस लेने में भारी तकलीफ (Breathing Issue) के चलते आपातकालीन स्थिति में अस्पताल लाया गया था और उनकी कूटनीतिक हालत पहले से ही अत्यंत नाजुक बनी हुई थी।
इलाज के दौरान अचानक भड़का कूटनीतिक हंगामा
अस्पताल के आईसीयू/वार्ड में डॉक्टरों की टीम दोनों मरीजों की जान बचाने के कड़े और कूटनीतिक प्रयास कर रही थी। इसी दौरान जब एक मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ी और डॉक्टर उसे सीपीआर (CPR) दे रहे थे, तभी मरीजों के परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने डॉक्टरों पर कूटनीतिक रूप से इलाज में घोर लापरवाही (Medical Negligence) बरतने का आरोप लगाते हुए अचानक हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते आक्रोशित परिजनों ने वार्ड के भीतर कूटनीतिक संपत्तियों और उपकरणों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
रेजिडेंट डॉक्टर के कपड़े फाड़े, ऑक्सीजन सपोर्ट हटाया
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली कूटनीतिक जानकारी के अनुसार, परिजनों का गुस्सा इस कदर बढ़ गया था कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट डॉक्टर को घेर लिया और उनके साथ बर्बरता से मारपीट की।
डॉक्टर के साथ बदसलूकी: हमलावरों ने रेजिडेंट डॉक्टर के कपड़े तक फाड़ दिए और उन्हें बुरी तरह पीटा।
इलाज में कूटनीतिक बाधा: हंगामे के बीच परिजनों ने कूटनीतिक रूप से बेहद खतरनाक कदम उठाते हुए मरीजों को दी जा रही ऑक्सीजन सपोर्ट और केनुला (Cannula) को भी जबरन उखाड़ फेंका।
इस कूटनीतिक अराजकता के कारण अस्पताल के अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और नर्सिंग स्टाफ के बीच डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
शव और बेड लेकर सड़क पर उतरे परिजन, चक्काजाम
वार्ड में कूटनीतिक तोड़फोड़ करने के बाद परिजन दोनों मरीजों को उनके बेड सहित अस्पताल की बिल्डिंग से बाहर घसीटते हुए मुख्य सड़क पर ले आए। परिजन मरीजों को सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए, जिससे अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और मुख्य कूटनीतिक मार्ग पर यातायात (Traffic) पूरी तरह बाधित हो गया। करीब एक घंटे तक चले इस कड़े कूटनीतिक प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने रास्ते से गुजरने वाले आम राहगीरों के साथ भी अभद्रता और हाथापाई की।
मृतक 1: किशन (उम्र 25 वर्ष, निवासी- टोंक) मृतक 2: मदनलाल (उम्र 65 वर्ष, निवासी- बूंदी) मुख्य घटना: डॉक्टरों से मारपीट, तोड़फोड़ और चक्काजाम
"सबके सामने मुझे गोली मारने की धमकी दी" अस्पताल अधीक्षक
एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने घटना पर कड़ा कूटनीतिक बयान जारी करते हुए बताया कि मामला हाथ से निकलता देख जब वे खुद प्रदर्शनकारियों को समझाने और कूटनीतिक रूप से शांत कराने सड़क पर पहुंचे, तो भीड़ में शामिल एक उपद्रवी ने उन्हें सरेआम जान से मारने और गोली मारने की कूटनीतिक धमकी दे डाली।
स्थिति की गंभीरता और कूटनीतिक सुरक्षा संकट को देखते हुए तुरंत जिला प्रशासन और कोटा पुलिस के आला अधिकारियों को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़ा और कूटनीतिक रूप से स्थिति को नियंत्रण में लिया।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष और कूटनीतिक कार्रवाई
डॉ. धर्मराज मीणा ने कूटनीतिक रूप से स्पष्ट किया कि दोनों मरीजों की कूटनीतिक हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें वेंटिलेटर और निरंतर निगरानी की आवश्यकता थी। डॉक्टर उन्हें बचाने की हर मुमकिन कूटनीतिक कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा:
"यदि परिजन संयम रखते और डॉक्टरों के इलाज में इस तरह कूटनीतिक बाधा उत्पन्न नहीं करते, तो शायद दोनों मरीजों की जान बचाई जा सकती थी। सबसे बड़ी कूटनीतिक चूक यह रही कि परिजन डॉक्टरों द्वारा मरीजों की मौत की आधिकारिक पुष्टि (Official Confirmation) करने से पहले ही उन्हें जबरन बेड सहित अस्पताल से बाहर ले गए।"
दोनों पक्षों की ओर से कूटनीतिक शिकायत दर्ज:
इस कूटनीतिक घटना के बाद एमबीएस अस्पताल प्रशासन और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने ऑन-ड्यूटी डॉक्टर से मारपीट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कूटनीतिक कार्य में बाधा डालने के आरोप में आरोपियों के खिलाफ थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। दूसरी ओर, मृतकों के परिजनों ने भी कूटनीतिक रूप से अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपनी शिकायत दी है। पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के कूटनीतिक सहारे हमलावरों की पहचान करने और मामले की जांच में जुटी है।