खाटूश्याम और सांवलिया सेठ के दर्शन करने जा रहे महाराष्ट्र के तीन श्रद्धालुओं की मौत

खाटूश्याम और सांवलिया सेठ के दर्शन करने जा रहे महाराष्ट्र के तीन श्रद्धालुओं की मौत

राजस्थान की पावन भूमि पर आस्था और श्रद्धा के साथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए एक रात ऐसी खौफनाक साबित हुई जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे पर हुआ यह हादसा किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं था। महाराष्ट्र के नासिक से अपने आराध्य देवों के दर्शन की लालसा लेकर चले एक ही परिवार और रिश्तेदारों के दल पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस भीषण सड़क दुर्घटना में तीन मासूम और निष्पाप श्रद्धालुओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल के बिस्तर पर पहुंच गए। इस हादसे के पीछे एक ऐसी लापरवाही सामने आई है जिसे सुनकर किसी का भी खून खौल उठेगा। यात्रियों का सीधा आरोप है कि वाहन का ड्राइवर शराब के नशे में धुत था और उसने अपनी जिद के आगे किसी की एक नहीं सुनी, जिसका खामियाजा इन बेकसूर लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

जयपुर-अजमेर हाईवे पर खून से सनी रात, सांवलिया सेठ जा रहे श्रद्धालुओं की बस हुई भीषण दुर्घटना का शिकार

घटना की विस्तृत जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा शुक्रवार देर रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे पर बगरू थाना इलाके के अंतर्गत बगरू पुलिया के पास पेश आया। महाराष्ट्र के नासिक जिले से कुल 28 श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था एक ट्रैवलर बस में सवार होकर धार्मिक यात्रा पर निकला था। ये सभी श्रद्धालु पहले राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी के दर्शन करने पहुंचे थे और वहां माथा टेकने के बाद मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए चित्तौड़गढ़ की ओर रवाना हुए थे। सफर लंबा था और रात का वक्त होने के कारण अधिकांश यात्री वाहन के भीतर अपनी थकान मिटाने के लिए नींद ले रहे थे या आंखें मूंदकर सफर कर रहे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में यह आस्था का सफर एक भयानक आपदा में बदल जाएगा और हाइवे की डामर सड़क खून से लाल हो जाएगी।

नासिक से शुरू हुई आस्था की यात्रा कैसे बदल गई एक खौफनाक त्रासदी में

प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल में भर्ती घायल यात्रियों ने जब इस यात्रा की पूरी कहानी बयां की, तो रोंगटे खड़े हो गए। यात्रियों के अनुसार, उन्होंने अपनी इस यात्रा की शुरुआत बड़े ही उत्साह के साथ की थी। भगवान खाटूश्याम के आशीर्वाद के बाद वे श्री सांवलिया सेठ के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए बेहद उत्सुक थे। जयपुर से रात करीब साढ़े दस बजे उनका ट्रैवलर वाहन आगे की यात्रा के लिए निकला था। लेकिन जयपुर से निकलने के साथ ही वाहन चालकों की लापरवाही के संकेत मिलने शुरू हो गए थे। गाड़ी चला रहे ड्राइवर की हरकतें सामान्य नहीं थीं और बस के भीतर बैठे कुछ सतर्क यात्रियों को महसूस हो गया था कि चालक ने रास्ते में शराब का सेवन कर रखा है। गाड़ी के लहराने और नियंत्रण खोने की स्थिति को भांपते हुए यात्रियों ने ड्राइवर को कई बार टोका भी और उसे वाहन रोकने या किसी अन्य व्यक्ति को गाड़ी सौंपने की सलाह दी, लेकिन नशे के सुरूर में डूबे ड्राइवर ने किसी की बात सुनने से साफ इनकार कर दिया और अपनी जिद पर अड़ा रहा।

नशे में धुत ड्राइवर की जिद और यात्रियों की अनसुनी चीखें बनीं मौत का कारण

मानव स्वभाव की सबसे बड़ी विडंबना यही है कि जब इंसान अहंकार और नशे में अंधा हो जाता है, तो वह दूसरों की जिंदगी को भी दांव पर लगाने से नहीं हिचकिचाता। इस मामले में भी ड्राइवर की हठधर्मिता भारी पड़ी। यात्रियों ने बताया कि जब उन्होंने बार-बार ड्राइवर को तेज रफ्तार और नशे में गाड़ी चलाने से मना किया, तो उसने उनकी चिंताओं को अनसुना कर दिया और अपनी मनमानी जारी रखी। वह लगातार लापरवाही से गाड़ी को भगाता रहा। यात्रियों की बार-बार की गई चेतावनी उसके कानों तक जूं तक नहीं रेंग सकी। यदि उस वक्त ड्राइवर ने यात्रियों की समझाइश मान ली होती और गाड़ी की रफ्तार धीमी कर दी होती या खुद ड्राइविंग छोड़ दी होती, तो शायद आज तीन हंसते-खेलते परिवारों के चिराग नहीं बुझते और इतने सारे लोग अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग नहीं लड़ रहे होते।

बगरू पुलिया के पास अचानक पीछे से जा घुसी बस, मची चीख-पुकार और राहत बचाव कार्य

दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रैवलर बस बगरू पुलिया से नीचे उतर रही थी। नशे में धुत चालक का नियंत्रण अचानक वाहन से पूरी तरह छूट गया। गति इतनी तेज थी कि वाहन संभल नहीं पाया और आगे की तरफ चल रहे एक भारी-भरकम ट्रेलर में पीछे से जोरदार तरीके से जा घुसा। टक्कर इतनी भयंकर थी कि ट्रैवलर बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर होकर अंदर की तरफ पिचक गया। बस के अगले हिस्से में बैठे यात्रियों को संभलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग नींद से जाग गए और तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़े। हाइवे पर चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। खून से लथपथ यात्रियों की हालत देखकर लोगों की रूह कांप उठी। तुरंत पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में घायलों का इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय बगरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बस के अंदर फंसे यात्रियों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। इस भीषण भिड़ंत में तीन लोगों की मौके पर ही या अस्पताल पहुंचने से पहले दर्दनाक मौत हो चुकी थी। इसके अलावा बस में सवार करीब 18 से 25 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए राजधानी जयपुर के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आपातकालीन वार्ड में उनका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिनका विशेष निगरानी में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और महाराष्ट्र में उनके परिजनों को इस हृदयविदारक घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार या घायल चालक की मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा और लापरवाह चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठी मांग

इस मर्मस्पर्शी हादसे ने एक बार फिर देश के नेशनल हाईवे पर रात के वक्त दौड़ने वाले कमर्शियल वाहनों और ड्राइवरों की मनमानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन शराब के नशे में वाहन चलाने वाले लापरवाह ड्राइवर बेकसूर यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ करते नजर आते हैं। धार्मिक यात्राओं पर निकलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों की समय-समय पर चेकिंग क्यों नहीं की जाती। जनता और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसे नशेड़ी ड्राइवरों के खिलाफ हत्या के समान धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ड्राइवर इस तरह की घोर लापरवाही करने की हिम्मत न जुटा सके। सांवलिया सेठ के दर्शन करने चले महाराष्ट्र के उन अभागे श्रद्धालुओं की यह घटना हर किसी की आंखें नम कर गई है, और यह पूरे समाज के लिए एक गंभीर सबक है कि सफर के दौरान जरा सी भी लापरवाही किस तरह पल भर में हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ सकती है।