SMS मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक HOD डॉ. एनएल डिसानिया ने की खुदकुशी, फंदे से लटका मिला शव, मेडिकल जगत स्तब्ध

SMS मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक HOD डॉ. एनएल डिसानिया ने की खुदकुशी, फंदे से लटका मिला शव, मेडिकल जगत स्तब्ध

राजस्थान की राजधानी जयपुर से इस वक्त की एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे देश के चिकित्सा जगत और पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। जयपुर के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष (HOD) डॉ. एनएल डिसानिया का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ मिला है। जो डॉक्टर खुद सालों से हत्या और आत्महत्या जैसे पेचीदा मामलों की गुत्थी सुलझाने के लिए फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम करते थे, उनकी इस तरह अचानक मौत की खबर से हर कोई हैरान है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और साथी डॉक्टर मौके पर पहुंच गए हैं।

कमरे में इस हाल में मिला शव, अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप

मिली जानकारी के अनुसार, घटना की भनक तब लगी जब डॉ. डिसानिया काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकले और न ही किसी का फोन उठाया। अनहोनी की आशंका होने पर जब उनके कमरे के दरवाजे को खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। डॉ. एनएल डिसानिया का शव फंदे से झूल रहा था। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। देखते ही देखते एसएमएस अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर में साथी डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और स्टाफ की भारी भीड़ जमा हो गई।

पुलिस जांच में जुटी, मौके पर बुलाई गई फोरेंसिक और FSL की टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। चूंकि मामला खुद फोरेंसिक विभाग के इतने बड़े डॉक्टर की मौत से जुड़ा है, इसलिए पुलिस बेहद बारीकी से हर पहलू की जांच कर रही है। साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया है, जो कमरे से उंगलियों के निशान और अन्य तकनीकी सबूत इकट्ठा कर रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कमरे से कोई सुसाइड नोट मिला है या इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह क्या है।

मेडिकल जगत में शोक की लहर, उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल

डॉ. एनएल डिसानिया राजस्थान के चिकित्सा जगत के एक बेहद सम्मानित और अनुभवी डॉक्टर थे। उन्होंने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में फोरेंसिक जांच कर न्याय दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उनके इस तरह अचानक दुनिया छोड़ जाने से उनके साथी डॉक्टर्स और छात्र गहरे सदमे में हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह पिछले कुछ समय से किसी मानसिक तनाव या काम के भारी दबाव से गुजर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है और विस्तृत जांच व रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

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