सीकर के गेस पेपर से खुला देश के सबसे बड़े परीक्षा घोटाले का राज, NTA कमेटी के सदस्यों समेत 9 गिरफ्तार
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की विश्वसनीयता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान के कोचिंग हब सीकर से शुरू हुई एक साधारण सी शिकायत ने कुछ ही घंटों में एक बड़े राष्ट्रीय परीक्षा घोटाले का रूप ले लिया। एक सजग छात्र और उसके शिक्षक की सूझबूझ के कारण इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ, जिसके बाद सरकार को परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा।
कैसे हुआ शक: 'गेस पेपर' के नाम पर फोन में आई पीडीएफ
यह पूरा मामला 3 मई को NEET-UG परीक्षा समाप्त होने के ठीक दो घंटे बाद शुरू हुआ:
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घबराया हुआ छात्र: सीकर के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाला छात्र सतीश (बदला हुआ नाम) अपने सीनियर शिक्षक राजत (बदला हुआ नाम) के पास पहुंचा।
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मकान मालिक का कनेक्शन: सतीश के फोन में दो संदिग्ध पीडीएफ फाइलें थीं, जो परीक्षा से एक रात पहले ही उसके मकान मालिक ने उसे “गेस पेपर” कहकर भेजी थीं।
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शिक्षकों की पड़ताल: राजत और उनके साथी शिक्षक ने बंद कमरे में करीब 3 घंटे तक इन पीडीएफ फाइलों का असली प्रश्नपत्र से मिलान और विश्लेषण किया।
जांच में खुली पोल: 135 प्रश्न हूबहू मैच हुए
शिक्षकों के विश्लेषण में जो सच सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए। दोनों पीडीएफ में कुल मिलाकर 135 सवाल ऐसे थे, जो असली परीक्षा के प्रश्नपत्र से शत-प्रतिशत मेल खा रहे थे। इनमें:
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केमिस्ट्री: करीब 60 पन्नों में हाथ से लिखे केमिस्ट्री के 45 सवाल मौजूद थे।
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बायोलॉजी: 87 पन्नों में टाइप किए गए बायोलॉजी (बॉटनी और जूलॉजी) के 90 सवाल शामिल थे।
पुलिस की सुस्ती और NTA को भेजी गई शिकायत
शुरुआत में जब छात्र और शिक्षक स्थानीय उधोग नगर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने ठोस सबूत और लिखित शिकायत न होने की बात कहकर उन्हें अगले दिन आने को कहा। मामला लटकता देख शिक्षक राजत ने खुद पुराने पेपर लीक मामलों (NEET-2024 और AIPMT-2015) का अध्ययन किया।
सीकर में पेपर परीक्षा के दिन ही केंद्रों पर पहुंचते हैं, लेकिन यह 'गेस पेपर' सतीश को एक रात पहले ही मिल गया था। इस आधार पर राजत को शक हुआ कि लीक परीक्षा केंद्रों से नहीं, बल्कि परीक्षा संचालित करने वाली मुख्य एजेंसी के भीतर से हुआ है। इसके बाद, 7 मई को एक स्थानीय आरएएस (RAS) अधिकारी की मदद से NTA (National Testing Agency) को ईमेल के जरिए सबूतों के साथ आधिकारिक शिकायत भेजी गई।
CBI जांच में बड़ा खुलासा: NTA कमेटी के सदस्य ही निकले 'विभीषण'
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई। सीबीआई की जांच में जो नेटवर्क सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था। लीक कहीं बाहर से नहीं, बल्कि NTA की पेपर सेटिंग कमेटी के भीतर से हुआ था:
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मनीषा गुरुनाथ मंधारे (पुणे): यह पुणे में बॉटनी की शिक्षिका हैं और NTA की पेपर सेटिंग कमेटी की सदस्य थीं। इनके पास बॉटनी और जूलॉजी के पेपर की सीधी पहुंच थी, जिसे इन्होंने लीक किया।
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पीवी कुलकर्णी (लातूर): इनके पास केमिस्ट्री सेक्शन तैयार करने की जिम्मेदारी थी, इन्होंने वहां से प्रश्न लीक किए।
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मनीषा वाघमारे (पुणे): पुणे में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली वाघमारे को इस पूरे नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी और दलाल बताया गया है।
5 राज्यों से 9 आरोपी गिरफ्तार
सीबीआई ने इस गिरोह पर शिकंजा कसते हुए अब तक देश के 5 राज्यों से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में धनंजय लोखंडा, शुभम खैरनार, मांगिलाल बीवाल उर्फ मांगिलाल खटीक, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल और यश यादव शामिल हैं।
परीक्षा रद्द: 21 जून को दोबारा होगी NEET-UG 2026
सीबीआई द्वारा पेपर लीक और उच्च स्तरीय गड़बड़ियों की पुष्टि किए जाने के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और एनटीए ने त्वरित कदम उठाते हुए NEET-UG 2026 परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दिया है।
लाखों मेधावी छात्रों के भविष्य और परीक्षा की शुचिता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नई तारीखों का ऐलान कर दिया है। अब यह परीक्षा पूरे देश में दोबारा 21 जून को नए सिरे से और कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की जाएगी।