राजस्थान : अगले दो दिनों तक झमाझम बरसेंगे बदरा, जोधपुर और उदयपुर संभाग में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी
राजस्थान में मानसून के तेवर एक बार फिर काफी तीखे हो गए हैं, जिससे प्रदेशवासियों को गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक झमाझम बारिश होने के पूरे आसार हैं। मानसून की सक्रियता का सबसे ज्यादा असर दक्षिण और पश्चिमी राजस्थान पर देखने को मिल रहा है, जिसके चलते मौसम केंद्र ने जोधपुर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में अति भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम के इस अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जोधपुर और उदयपुर संभाग में क्यों मंडरा रहा है भारी बारिश का खतरा?
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से उठने वाले मानसूनी सिस्टम और ट्रफ लाइन के राजस्थान की तरफ खिसकने के कारण बारिश की गतिविधियों में अचानक तेजी आई है। जोधपुर और उदयपुर संभाग के जिलों में नमी से भरपूर बादलों का डेरा जमा हुआ है, जिसके चलते लगातार तेज मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के कारण निचले स्तर के इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी भरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है, जिसे लेकर प्रशासन लगातार आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
सामान्य जनजीवन और किसानों के लिए राहत व चिंता दोनों
एक तरफ जहां इस मानसूनी बारिश से राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात झेल रहे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है, क्योंकि यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी, वहीं दूसरी तरफ लगातार बारिश से जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है। स्कूलों, यातायात और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से अपनी नजर बनाए हुए है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध रखें ताकि फसलों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
मौसम विभाग की अपील: खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहें
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि अगले दो दिनों तक जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक भारी बारिश वाले क्षेत्रों और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें। खासकर उफनते नालों, पुलियाओं और कमजोर मकानों के पास जाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। मौसम के इस तेवर को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले 48 घंटे राजस्थान के अधिकांश जिलों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं, जहां बादलों की आवाजाही और झमाझम फुहारों का दौर लगातार जारी रहेगा।