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राजस्थान में NEET री-एग्जाम का चक्रव्यूह: 577 परीक्षा केंद्रों पर अभेद्य सुरक्षा, जैमर्स चालू और 300 मीटर तक नो-एंट्री जोन लागू

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के विवादों के बाद अब राजस्थान में नीट री-एग्जाम 2026 को पूरी तरह पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए राज्य सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने जमीन पर सबसे कड़ा पहरा लगा दिया है। राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों में आज आयोजित हो रही इस पुनर्परीक्षा के लिए कुल 577 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पेपर लीक माफिया और नकल गिरोहों के मंसूबों को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था का ऐसा खाका खींचा गया है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

चप्पे-चप्पे पर तीसरी आंख का पहरा और हाई-टेक जैमर्स एक्टिव

लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और शिक्षा विभाग ने इस बार परीक्षा केंद्रों के भीतर आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। सभी 577 केंद्रों के हर एक कमरे में लाइव सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। इसके साथ ही, किसी भी तरह के ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या इंटरनेट आधारित गैजेट्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए हाई-टेक सिग्नल जैमर्स एक्टिवेट कर दिए गए हैं। बायोमेट्रिक अटेंडेंस और एआई-बेस्ड फेस रिकग्निशन (AI Face Recognition) के जरिए ही अभ्यर्थियों को हॉल में प्रवेश दिया जा रहा है ताकि डमी कैंडिडेट की एंट्री की संभावना शून्य हो सके।

परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में सख्त पाबंदी और धारा 144

भौगोलिक (लोकल) सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कप्तानों और पुलिस कप्तानों ने सभी सेंटर्स के बाहर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है। परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे को पूरी तरह से 'नो-एंट्री जोन' घोषित कर दिया गया है। इस दायरे के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति के खड़े होने, फोटोकॉपी की दुकानें खुली रखने या भीड़ लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। कई संवेदनशील इलाकों में धारा 144 भी लागू कर दी गई है। केंद्र के मुख्य द्वार पर पुलिस बल के साथ-साथ फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें तैनात हैं जो हर एक परीक्षार्थी की गहन चेकिंग कर रही हैं।

जेनरेटिव एआई और सर्च इंजन पर ट्रेंड कर रहे हैं नीट री-एग्जाम के कड़े नियम

गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ (AEO) और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय राजस्थान नीट री-एग्जाम के ड्रेस कोड और नियमों को लेकर सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। एनटीए की गाइडलाइंस के मुताबिक, छात्रों को केवल आधी आस्तीन के कपड़े, साधारण चप्पल या सैंडल पहनने की अनुमति दी गई है। जूते, भारी गहने या ताबीज जैसी चीजें पूरी तरह वर्जित हैं। प्रशासन की इस मुस्तैदी को देखकर साफ है कि इस बार नीट री-एग्जाम की शुचिता और गरिमा को बनाए रखने के लिए सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है।

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