NEET 2026 महाघोटाला: 12वीं में ग्रेस मार्क्स से पास होने वाला छात्र बनने जा रहा था डॉक्टर मार्क्स जंप ने उड़ाए CBI के होश
पेपर लीक का सबसे सनसनीखेज चेहरा आया सामने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में हुए फर्जीवाड़े की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं। राजस्थान के जमवारामगढ़ से सामने आए एक मामले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, एक ऐसा छात्र जिसके कक्षा 12 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे विषयों में दहाई का आंकड़ा छूना भी मुश्किल था, वह इस घोटाले के दम पर देश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पक्की करने की दहलीज पर खड़ा था। अगर समय रहते यह रैकेट पकड़ा न जाता, तो 'पेपर माफिया' की मदद से एक अयोग्य छात्र डॉक्टर बनने की राह पर निकल पड़ता।
फिजिक्स में 9 और केमिस्ट्री में 15 अंक, फिर भी 600+ का टार्गेट जांच में छात्र ऋषि बिवाल के शैक्षणिक रिकॉर्ड ने एजेंसियों को हैरान कर दिया है। ऋषि ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 56 अंकों वाले पेपर में फिजिक्स में महज 9, केमिस्ट्री में 15 और बायोलॉजी में 20 अंक हासिल किए थे। वह केवल 'ग्रेस मार्क्स' के सहारे पास हो पाया था। 10वीं में भी उसके अंक मात्र 43 प्रतिशत थे। लेकिन, पेपर लीक नेटवर्क के संपर्क में आते ही दावा किया गया कि वह NEET में 600 से अधिक अंक हासिल कर लेता। यह विरोधाभास साफ करता है कि मेरिट को दरकिनार कर किस तरह पेपर बेचे गए।
एक ही परिवार के 5 बच्चों का 'चमत्कारी' प्रदर्शन इस घोटाले के केंद्र में 'बिवाल परिवार' का नाम प्रमुखता से उभरा है। जांच में सामने आया कि परिवार के पांच अन्य सदस्यों विकास, प्रगति, गुंजन, सानिया और पलक ने साल 2025 की NEET परीक्षा में अचानक असाधारण स्कोर किया था। साल 2024 तक इनका प्रदर्शन बेहद सामान्य था, लेकिन 2025 में इनके अंक रातों-रात 98 प्रतिशत तक पहुंच गए। बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान की मदद के इतना बड़ा 'मार्क्स जंप' अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। संदेह है कि यह परिवार लंबे समय से इस रैकेट का हिस्सा रहा है।
WhatsApp पर 'गेस पेपर' और 150 छात्रों की ब्लैकलिस्ट राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस मामले की गहन जांच के बाद लगभग 150 संदिग्ध छात्रों की सूची केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। इन छात्रों पर आरोपी मांगीलाल और दिनेश से सीधे पेपर खरीदने का आरोप है। जांच में एक हस्तलिखित 'गेस पेपर' भी बरामद हुआ है, जिसके सवाल असली परीक्षा से हूबहू मेल खाते थे। यह प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स के जरिए उन छात्रों तक पहुंचा दिया गया था जिन्होंने लाखों रुपये का भुगतान किया था।
22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में, अब CBI के हवाले जांच 7 मई को व्हिसलब्लोअर द्वारा सूचना मिलने के बाद इस महाघोटाले की पुष्टि हुई, जिसके परिणामस्वरूप नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया। इस फैसले ने देशभर के 22.79 लाख ईमानदार छात्रों को गहरे संकट में डाल दिया है। केंद्र सरकार ने अब इस मामले की कमान CBI को सौंप दी है, जो कई राज्यों में फैले इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़े रसूखदारों के नाम भी इस लिस्ट में जुड़ सकते हैं।