दौसा में नकली घी का काला कारोबार बेनकाब! 'सरस' के पैकेट में मिल रहा था मिलावटी तेल, भारी मात्रा में स्टॉक जब्त
राजस्थान के दौसा जिले से इस वक्त स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने आम जनता के बीच हड़कंप मचा दिया है। मिलावटखोरों ने इस बार सीधे प्रदेश के सबसे भरोसेमंद ब्रांड 'सरस' (Saras) को निशाना बनाया है और बड़े पैमाने पर नकली घी का काला कारोबार चला रहे थे। दौसा पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर एक ठिकाने पर छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में मिलावटी घी और तेल बरामद किया गया है। तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से घटिया किस्म के तेल में रंग और फ्लेवर मिलाकर उसे 'सरस' के पैकेटों में पैक कर रहे थे, ताकि आम ग्राहक इसे असली और शुद्ध घी समझकर खरीद ले। इस छापेमारी में मौके से 71 किलो नकली घी और 165 किलो संदिग्ध मिलावटी तेल जब्त किया गया है, जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
सरस के नाम पर जहर का खेल, ऐसे देते थे आम लोगों को चकमा
दौसा में हुए इस भंडाफोड़ ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खौफनाक सच को उजागर कर दिया है। आरोपी न केवल नकली घी बना रहे थे, बल्कि उन्होंने पैकिंग के लिए नामी ब्रांड के रैपर्स और पाउच का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था, जिससे आम उपभोक्ता को असली और नकली के बीच फर्क करना नामुमकिन हो गया था। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पिछले काफी समय से इस रैकेट को अंजाम दे रहे थे और स्थानीय बाजारों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी इसे खपा रहे थे। इस तरह के मिलावटी घी का सेवन न केवल पाचन तंत्र को खराब कर सकता है, बल्कि यह दिल और लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। प्रशासन ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी करते हुए दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वे केवल अधिकृत वितरकों से ही स्टॉक लें।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई और जनता के लिए सुरक्षा सलाह
छापेमारी के बाद स्थानीय प्रशासन ने आरोपी के गोदाम को सील कर दिया है और मामले में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि मिलावट के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और किसी को भी जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। इस घटना के बाद विशेषज्ञों ने आम जनता को सलाह दी है कि घी खरीदते समय हमेशा पैकेट की सील, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट की बारीकी से जांच करें। यदि पैकेट पर प्रिंटिंग धुंधली दिखे या पाउच की बनावट में कोई असामान्यता महसूस हो, तो उसे बिल्कुल न खरीदें। स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि यह रैकेट कहां-कहां फैला हुआ है और इसमें कौन-कौन से बड़े सप्लायर शामिल हैं, ताकि मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया जा सके।