राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय के बाहर जबरदस्त हंगामा और पुलिस ने छोड़ी वाटर कैनन
देशभर में गरमाई राजनीति की तपिश अब राजस्थान की राजधानी जयपुर तक पहुंच गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गई जब बीजेपी कार्यकर्ता मार्च करते हुए कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। दोनों तरफ से बढ़ते तनाव और हालात को बेकाबू होते देख पुलिस और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला तथा उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछारें) का इस्तेमाल किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर कैसे बढ़ा तनाव और हुआ हंगामा
विशाल रोष मार्च के रूप में निकले बीजेपी कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते हुए सीधे कांग्रेस मुख्यालय के करीब पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विपक्षी दल द्वारा लगातार जनविरोधी रुख अपनाया जा रहा है और देश का माहौल खराब किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंचते ही कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वे बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने लगे। इस दौरान सुरक्षा में तैनात भारी पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली, जिससे सड़क पर भारी जाम लग गया और कुछ देर के लिए यातायात ठप हो गया।
पुलिस का कड़ा एक्शन, वाटर कैनन का करना पड़ा इस्तेमाल
स्थिति को हाथ से निकलते देख और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर पुलिस और आरएएफ (RAF) के जवानों को सख्त कदम उठाना पड़ा। उग्र हो रही भीड़ को नियंत्रित करने और कांग्रेस कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। पानी की तेज बौछारें पड़ने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, हालांकि पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए मुख्य नेताओं को हिरासत में लिया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्थान की राजनीति में गरमाया माहौल, सियासी बयानबाजी तेज
जयपुर की सड़कों पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद से राजस्थान का राजनीतिक तापमान काफी हाई हो गया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि उनका यह विरोध लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाने के लिए था, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन और सत्ताधारी दल पर तानाशाही का आरोप लगाया है। राजधानी के इस संवेदनशील इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और स्थिति सामान्य बनी रहे।