प्रचार के बीच अचानक गायब हुए बीजेपी प्रत्याशी, 24 घंटे से कोई खैर-खबर नहीं, भड़के ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान की राजधानी जयपुर के ग्रामीण और शहरी इलाकों में इस वक्त चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है, लेकिन इसी बीच एक ऐसी सनसनीखेज और रहस्यमयी घटना सामने आई है जिसने पूरे राजनीतिक गलियारे और पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। स्थानीय निकाय चुनावों के इस चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी के एक अधिकृत प्रत्याशी अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। पिछले चौबीस घंटों से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद प्रत्याशी की कोई भी खैर-खबर या सुराग नहीं मिल पाया है। जिस वक्त पूरे क्षेत्र में धुआंधार जनसंपर्क और रैलियों का दौर चल रहा था, उस दौरान एक उम्मीदवार का यूं अचानक गायब हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। इस घटना के सामने आने के बाद से न केवल राजनीतिक दलों में बल्कि आम मतदाताओं और स्थानीय निवासियों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, और हर कोई बस यही जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर इस अचानक हुई गुमशुदगी के पीछे का सच क्या है।
जनसंपर्क और चुनाव प्रचार के बीच कैसे गायब हुए उम्मीदवार, परिवार और समर्थकों में गहरी चिंता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लापता हुए बीजेपी प्रत्याशी रोजाना की तरह अपने चुनावी अभियानों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में पूरी तरह सक्रिय रूप से जुटे हुए थे। मतदाताओं से मिलना, वार्ड की समस्याओं पर चर्चा करना और समर्थन जुटाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था, लेकिन कल शाम से अचानक उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया और उनका किसी से भी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके परिजनों ने जब अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की और मिलने की जगहों पर पता किया, तो कहीं कोई सुराग हाथ नहीं लगा। समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का हुजूम प्रत्याशी के आवास पर इकट्ठा होना शुरू हो गया है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे किसी अनहोनी की आशंका को लेकर बेहद डरे हुए हैं। चुनाव के ठीक बीचों-बीच इस तरह से एक उम्मीदवार का गायब हो जाना किसी बड़े राजनीतिक ड्रामे या साजिश की ओर इशारा कर रहा है, जिससे स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
आक्रोशित ग्रामीणों की चेतावनी, अगर जल्द नहीं मिला सुराग तो होगा बड़ा उग्र आंदोलन
प्रत्याशी के गायब होने की खबर जैसे ही उनके गृहक्षेत्र और वार्ड के गांवों में फैली, वैसे ही जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। स्थानीय ग्रामीणों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए तुरंत प्रभाव से तलाश अभियान तेज करने की मांग की है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ घंटों के भीतर पुलिस ने प्रत्याशी को सकुशल ढूंढकर सामने नहीं लाया, तो वे सड़कों पर उतरकर एक बहुत बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीण चक्का जाम और प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र की गरिमा पर एक बड़ा आघात हैं और प्रशासन को इस मामले को हल्के में लेने की भूल बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में, खंगाले जा रहे हैं कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज
मामले की गंभीरता को भांपते हुए जयपुर जिला पुलिस प्रशासन और स्थानीय थाने की टीमें तुरंत एक्शन मोड में आ गई हैं। पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कई विशेष टीमों का गठन किया गया है जो लापता प्रत्याशी की तलाश में जुट गई हैं। पुलिस सबसे पहले उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और लास्ट लोकेशन को खंगालने का प्रयास कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी बार उनकी बातचीत किससे हुई थी और वे किस दिशा में गए थे। इसके अलावा, चुनावी क्षेत्र के रास्ते में आने वाले तमाम टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी बारीकी से चेक किया जा रहा है ताकि उनकी गाड़ी या मूवमेंट का कोई सुराग मिल सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर एक संभावित एंगल, चाहे वह राजनीतिक रंजिश हो, आपसी विवाद हो या अपहरण, सभी दिशाओं से मामले की गहन तफ्तीश कर रहे हैं और जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठा लिया जाएगा।
निकाय चुनावों के इस संवेदनशील दौर पर क्या पड़ेगा इस अप्रत्याशित घटना का प्रभाव
जयपुर के इन स्थानीय निकाय चुनावों में इस घटना ने एक नया और अप्रत्याशित मोड़ ला दिया है, जिससे राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। एक तरफ जहां विरोधी दल इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी संगठन के वरिष्ठ नेता भी लगातार पुलिस के संपर्क में हैं और जल्द से जल्द अपने प्रत्याशी की सकुशल वापसी की गुहार लगा रहे हैं। चुनाव प्रचार के इस अंतिम और महत्वपूर्ण चरण में जब हर एक वोट और हर एक दिन की कीमत बहुत ज्यादा होती है, तब पार्टी के मुख्य चेहरे का इस तरह गायब हो जाना कार्यकर्ताओं का मनोबल भी तोड़ सकता है। बहरहाल, पूरे क्षेत्र की निगाहें अब पुलिस की आगामी कार्रवाई और उस सुराग पर टिकी हैं जो इस रहस्यमयी गुमशुदगी के बादल को छांट सके, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें और गायब हुए प्रत्याशी सुरक्षित अपने घर लौट सकें।