राजस्थान में ठगी का अनोखा मामला: खुद को आयकर अधिकारी बताकर पहुंचा होटल खरीदने, गिरफ्तार हुआ शातिर ठग
राजस्थान में अपराधियों और शातिर ठगों के नए-नए और हैरान कर देने वाले कारनामे आए दिन पुलिस के सामने आते रहते हैं, जो लोगों को अचकचाने पर मजबूर कर देते हैं। ऐसा ही एक ताजा और सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ एक शातिर ठग ने खुद को बड़ा इनकम टैक्स ऑफिसर (Income Tax Officer) यानी आयकर विभाग का अधिकारी बताकर एक होटल में ऐसा रौब झाड़ा कि वहां मौजूद हर कोई सहम गया। आरोपी का मुख्य मकसद अपनी इस फर्जी पहचान का धौंस जमाकर एक आलीशान होटल को सस्ते दामों में खरीदने या फिर होटल मालिक से बड़ी रकम ऐंठने का था। उसने अपनी गाड़ी पर फर्जी नेम प्लेट और प्रशासनिक रोब-दाब वाले प्रतीक चिह्नों का इस्तेमाल कर रखा था ताकि किसी को भी उसके झूठ पर शक न हो सके। लेकिन कहते हैं कि झूठ के पांव नहीं होते और चालाकी कितनी भी बड़ी क्यों न हो, एक न एक दिन उसका पर्दाफाश हो ही जाता है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ जब फर्जी अफसर की थोड़ी सी ओवर-स्मार्टनेस और बातचीत के दौरान किए गए दावों ने उसकी पोल खोल दी।
होटल मालिक और कर्मचारियों के सामने रौब झाड़ना पड़ा भारी
घटना के दिन वह शातिर ठग बेहद आत्मविश्वास के साथ एक प्रतिष्ठित होटल में दाखिल हुआ और वहां के मैनेजर व कर्मचारियों पर अपना रौब गांठने लगा। उसने खुद को आयकर विभाग का एक उच्च पदस्थ अधिकारी बताते हुए ऐसा माहौल बनाया मानो वह किसी बड़ी छापेमारी या आधिकारिक निरीक्षण के सिलसिले में वहां आया हो। इसके बाद उसने होटल के मालिक से मुलाकात की और होटल को खरीदने की इच्छा जाहिर करते हुए सौदेबाजी की बात शुरू कर दी। उसने अपनी इस फर्जी हनक के बल पर होटल मालिक को डराने और अपनी शर्तों पर सौदा तय करने का प्रयास किया ताकि कोई उससे ज्यादा सवाल-जवाब न कर सके। शुरुआत में उसकी इस प्रभावशाली भाषा और रौबदार अंदाज को देखकर होटल के कर्मचारियों को लगा कि वाकई कोई बड़ा सरकारी अधिकारी आया है, लेकिन उसकी कुछ बातें ऐसी थीं जो अनुभवी लोगों को पच नहीं रही थीं।
शक की सुई घूमते ही होटल प्रबंधन ने उठाया सूझबूझ भरा कदम
जब उस तथाकथित इनकम टैक्स अधिकारी ने होटल खरीदने के सिलसिले में कानून और दस्तावेजों को ताक पर रखकर अजीबोगरीब शर्तें रखनी शुरू कीं, तो होटल मालिक और वहां मौजूद कुछ समझदार लोगों का माथा ठनक गया। उन्हें लगा कि कोई भी वास्तविक सरकारी अधिकारी इस तरह से व्यक्तिगत संपत्तियों के सौदे में सीधे तौर पर मोलभाव नहीं करता है और न ही इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करता है। बिना घबराए होटल प्रबंधन ने बड़ी सूझबूझ का परिचय देते हुए शातिर ठग से उसके आधिकारिक पहचान पत्र (Identity Card) और विभाग से जुड़े कागजात दिखाने की मांग कर दी। बस फिर क्या था, असली पहचान पत्र मांगते ही उस फर्जी अफसर के हाथ-पांव फूलने लगे और वह गोल-मोल जवाब देने लगा। उसकी हिचकिचाहट और बहानेबाजी देखकर यह साफ हो गया कि वह कोई असली अधिकारी नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा धोखेबाज है।
पुलिस ने धर दबोचा, पूछताछ में खुले कई अन्य ठगी के राज
होटल प्रबंधन ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस थाने को इसकी सूचना दी और कुछ ही देर में पुलिस बल मौके पर जा पहुंचा। पुलिस ने जब उस शख्स से कड़ाई से पूछताछ की और उसके दस्तावेजों की जांच की, तो उसकी सारी पोल खुलकर सामने आ गई। वह व्यक्ति कोई इनकम टैक्स ऑफिसर नहीं था, बल्कि शातिर किस्म का एक ठग था जो इसी तरह के फर्जीवाड़े करके भोले-भाले लोगों और व्यापारियों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और उसकी गाड़ी से कुछ फर्जी दस्तावेज व अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी बरामद कीं। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय कारोबारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस शातिर ठग ने इससे पहले राजस्थान के किन-किन इलाकों में इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम देकर लोगों को ठगा है।