बॉलीवुड के 'सुल्तान' सलमान खान को बड़ी राहत! पान मसाला विज्ञापन मामले में NCDRC ने कोर्ट के आदेश पर लगाया स्टे
बॉलीवुड के 'भाईजान' यानी सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) और उनके देश-विदेश में फैले करोड़ों फैंस के लिए इस वक्त कानूनी मोर्चे से एक बेहद राहत भरी और बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राजस्थान के शिक्षा नगरी कहे जाने वाले कोटा (Kota) शहर की एक जिला उपभोक्ता अदालत द्वारा जारी किए गए कड़े आदेश के खिलाफ सलमान खान को देश की सर्वोच्च उपभोक्ता अदालत यानी राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) से एक बड़ी कानूनी संजीवनी मिल गई है। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आयोग ने कोटा कोर्ट के उस आदेश पर तत्काल प्रभाव से स्टे (रोक) लगा दिया है, जिसमें सलमान खान को एक पान मसाला ब्रांड के भ्रामक विज्ञापन के मामले में व्यक्तिगत रूप से कोटा आकर कोर्ट के सामने पेश होने का फरमान सुनाया गया था। इस नए और बड़े फैसले के बाद अब सुपरस्टार सलमान खान को फिलहाल कोटा आने की कोई जरूरत नहीं होगी, जिससे उनके वकीलों और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी राहत की सांस ली है। आइए एक खोजी एंटरटेनमेंट और लीगल रिपोर्टर की नजर से देखते हैं कि आखिर क्या था यह पूरा विवाद और देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता अदालत ने सलमान खान के पक्ष में यह राहत भरा फैसला क्यों सुनाया।
कोटा की जिला अदालत ने सुनाया था व्यक्तिगत पेशी का आदेश, सुरक्षा कारणों से बढ़ी थी चिंता
पूरे विवाद की जड़ें कोटा की एक जिला उपभोक्ता फोरम (अदालत) से जुड़ी हुई हैं, जहां एक स्थानीय जागरूक नागरिक और उपभोक्ता समूह ने सलमान खान और संबंधित पान मसाला कंपनी के खिलाफ एक परिवाद (शिकायत) दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अभिनेता एक ऐसे उत्पाद का विज्ञापन कर रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इस भ्रामक विज्ञापन से युवाओं पर गलत असर पड़ रहा है। इस मामले की सुनवाई करते हुए कोटा की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया था और सलमान खान को समन जारी करते हुए व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष हाजिर होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद सलमान खान की लीगल टीम और मुंबई पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी सुरक्षा (Security) को लेकर खड़ी हो गई थी, क्योंकि लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकियों के बाद सलमान खान की सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील स्तर पर है और ऐसे में उनका कोटा जैसी भीड़भाड़ वाली अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना एक बड़ा सुरक्षा जोखिम साबित हो सकता था।
सलमान खान के वकीलों ने NCDRC में दी चुनौती, क्षेत्राधिकार और सुरक्षा को बनाया मजबूत आधार
कोटा कोर्ट के इस चुनौतीपूर्ण आदेश के खिलाफ सलमान खान की हाई-प्रोफाइल लीगल टीम ने तुरंत राहत के लिए दिल्ली स्थित राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) का दरवाजा खटखटाया। राष्ट्रीय आयोग के सामने दलीलें पेश करते हुए सलमान खान के वरिष्ठ वकीलों ने तर्क दिया कि किसी भी सेलिब्रिटी या ब्रांड एंबेसडर को उपभोक्ता मामलों में इस तरह से व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जब तक कि उनके खिलाफ सीधे तौर पर कोई पुख्ता और ठोस सबूत न हो। वकीलों ने यह भी दलील दी कि इस तरह के मामलों की सुनवाई वकीलों के माध्यम से भी आसानी से की जा सकती है। इसके साथ ही, देश की शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सलमान खान को दी गई 'वाई प्लस' (Y+) श्रेणी की सुरक्षा और उनके जीवन पर बने गंभीर खतरों का हवाला देते हुए कोर्ट से इस आदेश पर रोक लगाने की पुरजोर गुहार लगाई गई थी।
राष्ट्रीय आयोग का बड़ा फैसला, कोटा कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए जारी किया नोटिस
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) के माननीय अध्यक्ष और सदस्यों की पीठ ने सलमान खान के वकीलों की दलीलों और उनके सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील पहलुओं पर बेहद गंभीरता से विचार किया। आयोग ने माना कि प्रथम दृष्टया जिला फोरम का यह आदेश क्षेत्राधिकार और सेलिब्रिटी उत्तरदायित्व के सामान्य नियमों से परे प्रतीत होता है। इसी के मद्देनजर, राष्ट्रीय आयोग ने कोटा जिला उपभोक्ता अदालत के उस आदेश पर तत्काल प्रभाव से आगामी सुनवाई तक पूरी तरह से स्टे (रोक) लगा दिया। इसके साथ ही, आयोग ने शिकायतकर्ता पक्ष और संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस स्टे ऑर्डर के आते ही यह साफ हो गया है कि सलमान खान को अब कोटा की अदालत के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनके वकील ही दिल्ली से इस पूरी कानूनी लड़ाई को संभालेंगे।
सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर देश भर में छिड़ी नई बहस, कड़े होते जा रहे हैं भ्रामक विज्ञापनों के नियम
भले ही इस मामले में सलमान खान को एक बड़ी और तात्कालिक अदालती राहत मिल गई हो, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने देश के भीतर फिल्मी सितारों और क्रिकेटर्स द्वारा किए जाने वाले सरोगेट विज्ञापनों (जैसे इलायची के नाम पर पान मसाला का प्रचार) पर एक बार फिर से एक बहुत बड़ी बहस को जन्म दे दिया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) और देश की विभिन्न अदालतें लगातार भ्रामक विज्ञापनों को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार कर रही हैं। कानूनविदों का मानना है कि आने वाले समय में सेलिब्रिटीज के लिए किसी भी ऐसे उत्पाद का विज्ञापन करना भारी पड़ सकता है जो समाज और स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक हो। फिलहाल के लिए, कोटा के इस कानूनी चक्रव्यूह से बाहर निकलकर सलमान खान अपनी आगामी बड़ी फिल्मों की शूटिंग और रियलिटी शोज़ की तैयारियों में पूरी तरह से व्यस्त हो गए हैं, जो उनके करियर के लिहाज से एक बड़ी राहत की बात है।