राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों की चांदी: सरकार का बड़ा फैसला, अब 12 सरकारी बैंकों में अपनी मर्जी से चुन सकेंगे सैलरी अकाउंट
राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कर्मचारी हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें अपने वेतन खातों (Salary Accounts) के प्रबंधन के लिए पूरी आजादी दे दी है। अब तक चली आ रही अनिवार्य व्यवस्था को बदलते हुए वित्त विभाग ने राज्य के सभी सरकारी सेवकों को कुल 12 प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से अपनी पसंद का सैलरी अकाउंट चुनने का शानदार विकल्प मुहैया करा दिया है। सरकार के इस कदम से न सिर्फ कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि विभिन्न बैंकों के बीच बेहतर सर्विस देने की होड़ भी बढ़ेगी।
खत्म हुई किसी एक बैंक की बाध्यता, कर्मचारियों को मिली वित्तीय आजादी
राज्य सरकार के इस नए आदेश के लागू होने के बाद अब कर्मचारी अपनी सहूलियत, घर या दफ्तर से नजदीकी ब्रांच और बैंकों द्वारा दिए जा रहे आकर्षक लोन ऑफर्स व डिजिटल सुविधाओं के आधार पर यह तय कर सकेंगे कि उनका वेतन किस बैंक में क्रेडिट होना चाहिए। इस फैसले के दायरे में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), केनरा बैंक समेत देश के सभी प्रमुख 12 सरकारी बैंक शामिल किए गए हैं। इससे पहले कई विभागों में कर्मचारियों के लिए किसी एक तय बैंक में ही खाता खुलवाना जरूरी होता था, जिससे उन्हें कई बार ट्रांसफर या दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में पोस्टिंग होने पर कैश निकालने या बैंकिंग कामकाज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
डिजिटल सिस्टम पोर्टल में बदलाव शुरू, जल्द मिलेगा ऑनलाइन विकल्प
वित्त विभाग ने इस नई व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू रूप से लागू करने के लिए सभी विभागाध्यक्षों और ट्रेजरी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य के एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) पोर्टल पर भी इसके लिए जरूरी तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं ताकि कर्मचारी बिना किसी दफ्तरी चक्कर के, घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से अपने पसंदीदा बैंक का चयन कर सकें। सरकार के इस फैसले का राजस्थान के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने जोरदार स्वागत किया है और इसे कर्मचारियों के हित में उठाया गया एक बड़ा और आधुनिक प्रशासनिक सुधार बताया है।