राजस्थान सरकार के ऑनलाइन कामकाज पर मंडराया बड़ा साइबर खतरा! खुफिया अलर्ट के बाद सभी विभागों में मची भारी खलबली
तकनीक के इस दौर में जहां राजस्थान सरकार अपने अधिकांश कामकाज को पूरी तरह से ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले आई है, वहीं अब इस पूरी व्यवस्था पर एक बेहद गंभीर और बड़ा साइबर खतरा मंडराने लगा है। राज्य सरकार के विभिन्न संवेदनशील पोर्टलों, वेबसाइटों और कूटनीतिक डेटाबेस को निशाना बनाने की फिराक में बैठे शातिर हैकर्स को लेकर एक बहुत बड़ा इनपुट सामने आया है। इस इनपुट के मुताबिक, सरकारी ऑनलाइन सिस्टम में सेंधमारी करने की कड़े स्तर पर कोशिशें की जा रही हैं। इस बेहद संवेदनशील और बड़े मामले का खुलासा होते ही प्रदेश के प्रशासनिक अमले और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DoIT) के भीतर भारी हड़कंप मच गया है।
सुरक्षा एजेंसियों के सीक्रेट अलर्ट के बाद आईटी विभाग तुरंत आया कड़े एक्शन मोड में देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभागों से मिले इनसाइड इनपुट के बाद राजस्थान का सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग तुरंत हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग के आला अधिकारियों ने बिना कोई वक्त गंवाए राज्य के सभी विभागों, जिला कलेक्टरों और शासन सचिवों को एक कड़क आधिकारिक पत्र भेजकर कूटनीतिक सुरक्षा चक्रव्यूह तैयार करने का आदेश दे दिया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस बड़े अलर्ट में साफ कहा गया है कि किसी भी स्तर पर जरा सी भी लापरवाही पूरे राज्य के सरकारी डेटा को पूरी तरह से लॉक या लीक कर सकती है, जिससे सरकारी सेवाएं पूरी तरह ठप होने का बड़ा खतरा है।
सभी कर्मचारियों के लिए नई कूटनीतिक गाइडलाइन जारी, इन नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य इस बड़े डिजिटल खतरे से निपटने के लिए सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए तत्काल प्रभाव से कई कड़े निर्देश लागू कर दिए हैं। नए ढर्रे के मुताबिक, अब सचिवालय से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक के सभी कंप्यूटरों और प्रणालियों में अनाधिकृत सॉफ्टवेयर या अनफिल्टर्ड पेन ड्राइव के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही, कर्मचारियों को अपने आधिकारिक ईमेल और लॉगिन क्रेडेंशियल के पासवर्ड को तुरंत बदलकर कड़क और मजबूत बनाने को कहा गया है। किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक (Phishing Links) पर क्लिक न करने की सख्त हिदायत दी गई है, क्योंकि हैकर्स इन दिनों मैलवेयर फैलाने के लिए इसी चक्रव्यूह का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।
डेटा बैकअप और फायरवॉल को मजबूत करने की कूटनीति शुरू, पल-पल रखी जा रही है नजर सरकारी ऑनलाइन कामकाज को सुरक्षित रखने के लिए आईटी विभाग की स्पेशल टेक्निकल टीम अब सभी प्रमुख सर्वरों और फायरवॉल सिस्टम को अपग्रेड करने के कड़े काम में जुट गई है। सभी विभागों को अपने महत्वपूर्ण और कूटनीतिक डेटा का डेली ऑफलाइन बैकअप लेने का कड़ा निर्देश दिया गया है ताकि किसी रैनसमवेयर हमले की स्थिति में भी डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से साइबर एक्सपर्ट्स की टीम सरकारी वेबसाइटों की चौबीसों घंटे रीयल-टाइम मॉनिटरिंग कर रही है। इस बड़ी कूटनीतिक मुस्तैदी ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान सरकार अपने डिजिटल साम्राज्य को किसी भी बाहरी खतरे से बचाने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद और गंभीर है।