फिल्म में ईमानदार पुलिस का रोल निभाने वाला एएसआई सुनील बिश्नोई 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
राजस्थान के उदयपुर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने रविवार शाम एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी ने प्रतापनगर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सुनील बिश्नोई को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
शाम करीब 4:30 बजे हुई इस अचानक कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। दिलचस्प और चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी एएसआई एक राजस्थानी फिल्म में 'ईमानदार और जांबाज' पुलिस अफसर की भूमिका निभा चुका है।
रेप की कोशिश का केस दबाने के लिए मांगी थी रिश्वत
जांच में सामने आया कि एक महिला ने प्रतापनगर थाने में रेप की कोशिश और छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों के तहत एक लिखित शिकायत दी थी। एएसआई सुनील बिश्नोई ने इस शिकायत पर नियमानुसार तुरंत मुकदमा दर्ज करने के बजाय उसे लंबित (पेंडिंग) रख दिया।
-
केस न दर्ज करने का सौदा: एएसआई ने शिकायतकर्ता (आरोपी पक्ष) से संपर्क किया और कहा कि यदि वह एक लाख रुपये दे देता है, तो इस शिकायत को रफा-दफा कर दिया जाएगा और कोई केस दर्ज नहीं होगा।
-
झूठे केस में फंसाने की धमकी: पैसे न देने पर एएसआई लगातार शिकायतकर्ता पर दबाव बना रहा था और उसे अन्य झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दे रहा था। इस डर और मानसिक दबाव के कारण शिकायतकर्ता ने एसीबी (ACB) की शरण ली।
ऑर्बिट रिसॉर्ट की पार्किंग में एसीबी का जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने सबसे पहले गोपनीय तरीके से मामले का सत्यापन (Verification) किया। आरोप सही पाए जाने पर एसीबी के एडिशनल एसपी अनंत कुमार के निर्देशन में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने एएसआई सुनील बिश्नोई को पैसे देने के लिए शोभागपुरा स्थित ऑर्बिट रिसॉर्ट की पार्किंग में बुलाया। जैसे ही एएसआई बिश्नोई ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की नकद राशि हाथ में ली, पहले से ही सादे कपड़ों में मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। एसीबी के एडिशनल एसपी अनंत कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
फिल्म ‘सागवान’ में बना था 'नायक', असल जिंदगी में 'खलनायक'
इस पूरे मामले का सबसे रोचक तथ्य आरोपी एएसआई का फिल्मी बैकग्राउंड है। सुनील बिश्नोई राजस्थानी फिल्म ‘सागवान’ में एक मुख्य और बेहद ईमानदार पुलिसकर्मी की भूमिका निभा चुका है। फिल्म में उसकी छवि एक ऐसे जांबाज अफसर की थी जो समाज में अपराध, भ्रष्टाचार और अंधविश्वास के खिलाफ डटकर लड़ता है। हालांकि, रील लाइफ की इस 'सिंघम' वाली छवि के विपरीत वास्तविक जीवन में वही पुलिसकर्मी एक लाख रुपये की घूसखोरी के मामले में सलाखों के पीछे पहुंच गया।
पुराना रहा है विवादों से नाता: पहले भी हो चुका है लाइन हाजिर
सुनील बिश्नोई का विवादों और लापरवाही से पुराना नाता रहा है। इससे पहले की पोस्टिंग के दौरान भी उस पर कई गंभीर आरोप लग चुके हैं:
-
सितंबर 2025 (सुखेर थाना): सुखेर थाने में तैनाती के दौरान एक मारपीट के मामले में उचित कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे थे। तब तत्कालीन एसपी ने कड़ा एक्शन लेते हुए उसे वहां से हटाकर डीएसपी ऑफिस वेस्ट में अटैच कर दिया था और विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू की थी।
-
अक्टूबर 2025 (लाइन हाजिर): इसके ठीक एक महीने बाद, अक्टूबर 2025 में एक अन्य मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर उसे लाइन हाजिर भी किया जा चुका था।
एसीबी अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं और यह भी जांचा जा रहा है कि इस रिश्वतकांड में थाने का कोई अन्य अधिकारी शामिल था या नहीं।