Rajasthan Rajya Sabha 2026 : जून में खाली हो रही हैं 3 सीटें, स्थानीय चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में BJP और कांग्रेस
News India Live, Digital Desk: राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों का कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। इन सीटों पर वर्तमान में भाजपा के राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू (अगस्त 2024 में चुने गए) तथा कांग्रेस के नीरज डांगी काबिज हैं।
प्रमुख चुनावी समीकरण
कार्यकाल का अंत: भाजपा के राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस के नीरज डांगी का 6 साल का कार्यकाल जून में खत्म होगा। वहीं, रवनीत सिंह बिट्टू जिस सीट से चुनकर आए थे, उसका कार्यकाल भी जून 2026 तक ही है, इसलिए उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा।
भाजपा की रणनीति (BJP Strategy): राजस्थान विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने के कारण भाजपा दो सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर सकती है। पार्टी इस बार 'स्थानीय और जमीनी' कार्यकर्ताओं को तरजीह देने पर विचार कर रही है ताकि मिशन 2027 (विधानसभा चुनाव) के लिए कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहे।
कांग्रेस की चुनौती (Congress Strategy): संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस एक सीट जीत सकती है। चर्चा है कि कांग्रेस इस बार किसी स्थानीय चेहरे या अल्पसंख्यक/सामान्य वर्ग के नेता को मौका दे सकती है। कांग्रेस की राष्ट्रीय टीम से पवन खेड़ा का नाम संभावित उम्मीदवारों में सबसे ऊपर चल रहा है।
वर्तमान सांसद | पार्टी | कार्यकाल समाप्ति | नीरज डांगी | कांग्रेस | जून 2026 | | राजेंद्र गहलोत | भाजपा | जून 2026 | | रवनीत सिंह बिट्टू | भाजपा | जून 2026 |
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन
राजस्थान की राजनीति में हमेशा से 'जाति' एक बड़ा फैक्टर रही है।
भाजपा: पार्टी ओबीसी (OBC) और सामान्य वर्ग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस: कांग्रेस में वर्तमान में प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी वर्ग से और नेता प्रतिपक्ष दलित वर्ग से हैं, इसलिए पार्टी अब किसी ब्राह्मण या अल्पसंख्यक चेहरे को राज्यसभा भेजकर सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कर सकती है।
जून 2026 का चुनाव क्यों है खास?
यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के लिए अपनी ताकत दिखाने और अपने समर्पित नेताओं को पुरस्कृत करने का आखिरी बड़ा मौका होगा। भाजपा जहां अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए 'स्थानीय कनेक्ट' पर जोर दे रही है।