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March 28 2026 10:09 am

Rajasthan Politics : राजस्थान के 100 दिग्गज संभालेंगे 4 राज्यों का चुनावी मोर्चा प्रवासियों को साधने के लिए, BJP का मेगा प्लान

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News India Live, Digital Desk : राजस्थान भाजपा ने देश के अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी बिसात बिछा दी है। पार्टी के एक बड़े रणनीतिक प्लान के तहत, राजस्थान के करीब 100 विधायक, पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता चार प्रमुख राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु में चुनावी कमान संभालेंगे। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य इन राज्यों में रह रहे लाखों प्रवासी राजस्थानियों (Migrant Rajasthanis) के बीच पैठ बनाना और उन्हें भाजपा के पक्ष में लामबंद करना है। पार्टी का मानना है कि इन राज्यों में मारवाड़, शेखावाटी और ढूंढाड़ क्षेत्र के लोग व्यापारिक और सामाजिक रूप से काफी प्रभावशाली हैं, जो चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।

पश्चिम बंगाल और असम पर विशेष फोकस: 25 लाख प्रवासियों का गणित

आंकड़ों के अनुसार, अकेले पश्चिम बंगाल और असम में प्रवासी राजस्थानियों की आबादी करीब 25 लाख है। भाजपा ने इन इलाकों में सीधे संपर्क साधने के लिए अनुभवी नेताओं की टीम तैनात की है:

सिलीगुड़ी जोन (पश्चिम बंगाल): पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को यहाँ का प्रभारी बनाया गया है। उनके जिम्मे 26 विधानसभा सीटों की चुनावी रणनीति तैयार करने का काम है।

आसनसोल और उत्तर कोलकाता: विधायक जितेन्द्र गोठवाल को आसनसोल और जोधपुर शहर से विधायक अतुल भंसाली को उत्तर कोलकाता की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहाँ प्रवासी राजस्थानियों की सघन आबादी है।

केरल और तमिलनाडु: दक्षिण में 'राजस्थान मॉडल' का प्रचार

दक्षिण भारतीय राज्यों में भी राजस्थान के नेताओं को उतारा जा रहा है। यहाँ की रणनीति में उन प्रवासियों को जोड़ा जा रहा है जो दशकों से चेन्नई, कोयंबटूर और कोच्चि जैसे शहरों में बसे हुए हैं। राजस्थान के नेता वहां जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ-साथ राजस्थान के सांस्कृतिक जुड़ाव का हवाला देकर मतदाताओं को साधेंगे।

विपक्ष का तंज: 'CVR' (Congress Voter Removal) का आरोप

जहाँ एक ओर भाजपा दूसरे राज्यों में प्रवासियों को साध रही है, वहीं राजस्थान में ही कांग्रेस और भाजपा के बीच 'वोटर लिस्ट' को लेकर घमासान मचा है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि भाजपा 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के बहाने कांग्रेस समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से कटवा रही है। उन्होंने इसे 'CVR' (Congress Voter Removal) करार देते हुए फोरेंसिक जांच की मांग की है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे केवल चुनावी तैयारी का हिस्सा बताया है।