Rajasthan BJP : जयपुर में भाजपा के शक्ति प्रदर्शन में भारी अव्यवस्था, गुस्से में कार्यक्रम छोड़ निकले मदन राठौड़
News India Live, Digital Desk: राजस्थान की राजधानी जयपुर में भाजपा के एक बड़े आयोजन के दौरान उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भारी अव्यवस्थाओं को देखकर बिफर गए। कार्यकर्ताओं के हुजूम और मंच पर मची अफरा-तफरी से नाराज होकर राठौड़ बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए। पार्टी के 'शक्ति प्रदर्शन' के उद्देश्य से रखे गए इस कार्यक्रम में अनुशासन की कमी देख प्रदेश अध्यक्ष का पारा चढ़ गया, जिसके बाद संगठन के भीतर हड़कंप मच गया है।
क्या था पूरा मामला? क्यों नाराज हुए मदन राठौड़?
जयपुर में भाजपा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। लेकिन कार्यक्रम शुरू होते ही स्थितियां हाथ से बाहर निकल गईं:
मंच पर कब्जा: प्रदेश अध्यक्ष के पहुंचने के बाद भी मंच पर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की इतनी भीड़ जमा हो गई कि मुख्य अतिथियों के बैठने तक की जगह नहीं बची।
धक्का-मुक्की और शोरशराबा: कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और अनुशासन की धज्जियां उड़ती दिखीं।
अव्यवस्था का आलम: मदन राठौड़ ने कई बार कार्यकर्ताओं को शांत होने और मंच खाली करने का निर्देश दिया, लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई, तो उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की और कार्यक्रम स्थल से प्रस्थान कर लिया।
"अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं" – राठौड़ का सख्त रुख
कार्यक्रम से बाहर निकलते समय मदन राठौड़ के चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और इस तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष की इस नाराजगी के बाद अब आयोजन समिति के कुछ सदस्यों पर गाज गिर सकती है।
विपक्ष को मिला मुद्दा, अपनों में चर्चा तेज
प्रदेश अध्यक्ष का बीच कार्यक्रम से चले जाना पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे राठौड़ के 'अनुशासन प्रिय' स्वभाव से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी और कलह करार दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह केवल अव्यवस्था थी या किसी गुट विशेष द्वारा शक्ति प्रदर्शन की कोशिश।
डैमेज कंट्रोल में जुटे नेता
राठौड़ के जाने के बाद वहां मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाला और कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की। पार्टी अब इस मामले में 'डैमेज कंट्रोल' में जुट गई है ताकि आगामी दिनों में होने वाले बड़े कार्यक्रमों में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।