रायपुर: नाबालिग सौतेली बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद, स्कूल में 'गुड टच-बैड टच' की जानकारी से हुआ था मामले का खुलासा
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक विशेष अदालत ने नाबालिग सौतेली बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को कड़ी सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अच्छेलाल की कोर्ट ने दोषी को आजीवन कठोर कारावास (उम्रकैद) और चार लाख रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। यह फैसला सात अप्रैल, मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई के बाद सुनाया गया।
डरा-धमकाकर करता रहा दरिंदगी
विशेष लोक अभियोजक डालेश्वर प्रसाद साहू ने अदालत में केस का विवरण पेश करते हुए बताया कि पीड़िता की मां ने साल 2013 में अपने पहले पति को छोड़कर आरोपी के साथ प्रेम विवाह किया था। पहले पति से उनकी एक बेटी थी, जिसकी उम्र घटना के वक्त लगभग 12 वर्ष थी। आरोपी ने बच्ची की मासूमियत का फायदा उठाते हुए उसे डराया-धमकाया और कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने बच्ची को यह कहकर चुप रहने पर मजबूर किया कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा।
'गुड टच-बैड टच' की जानकारी ने दी हिम्मत
इस घिनौने अपराध का खुलासा फरवरी 2024 में हुआ। पीड़िता के स्कूल में बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' (Good Touch and Bad Touch) के बारे में जागरूक किया जा रहा था। शिक्षकों द्वारा दी गई इस जानकारी ने पीड़िता को हिम्मत दी, जिसके बाद उसने अपनी आपबीती शिक्षकों को बताई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल के प्राचार्य ने तुरंत पीड़िता के परिवार को सूचित किया और कानूनी कार्रवाई की सलाह दी। इसके बाद पीड़िता की मां ने सिविल लाइन थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
अदालत का सख्त रुख
कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दोषी पाया। न्यायाधीश ने इस कृत्य को समाज और मानवीय रिश्तों पर कलंक मानते हुए दोषी को ताउम्र जेल की सजा सुनाई। साथ ही, लगाया गया 4 लाख रुपये का जुर्माना पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने के निर्देश दिए गए हैं।