अमृतसर में दर्दनाक हादसा: बिजली जाने पर चलाया जनरेटर, जहरीले धुएं से दम घुटने के कारण बुजुर्ग की मौत
पंजाब के ऐतिहासिक और सीमावर्ती शहर अमृतसर से एक बेहद दुखद और सतर्क करने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ देर रात घर में चलाए गए जनरेटर के जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से एक बुजुर्ग व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में परिवार के चार अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई स्तब्ध है।
पावर कट के बाद देर रात घर के भीतर चलाया गया था जनरेटर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमृतसर के रिहाइशी इलाके में देर रात बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई थी। पावर कट होने और गर्मी व उमस के कारण परिवार ने रात के समय घर में रखे जनरेटर को चालू कर दिया। जनरेटर चलने के कारण घर के कमरों में धीरे-धीरे जहरीला धुआं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैलने लगी। परिवार के सदस्य सो रहे थे, जिसके कारण उन्हें धुएं के प्रसार का समय रहते आभास नहीं हो सका। बंद कमरे और वेंटिलेशन की कमी के कारण धुआं पूरे घर में जमा होता गया और सांस लेना मुश्किल हो गया।
सुबह जब नहीं खुला दरवाजा, तब पड़ोसियों को हुआ अनहोनी का अहसास
सुबह जब काफी देर तक घर का कोई भी सदस्य बाहर नहीं निकला और न ही किसी प्रकार की चहल-पहल दिखाई दी, तो आसपास के लोगों को किसी अनहोनी का संदेह हुआ। पड़ोसियों ने जब घर का दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद जब खिड़की या किसी अन्य रास्ते से अंदर झांककर देखा गया, तो परिवार के सभी सदस्य बेसुध हालत में पड़े हुए थे। ग्रामीणों और पड़ोसियों ने तुरंत दरवाजे को तोड़कर सभी को बाहर निकाला और पुलिस को इस भयावह हादसे की जानकारी दी।
बुजुर्ग ने मौके पर ही तोड़ा दम, चार परिजनों की हालत अत्यंत नाजुक
हादसे की चपेट में आए सभी लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद बुजुर्ग व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक जहरीला धुआं सांस के जरिए फेफड़ों में जाने के कारण बुजुर्ग का दम घुट गया था। वहीं परिवार के चार अन्य सदस्यों की हालत भी बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें आपातकालीन वार्ड (ICU) में रखकर डॉक्टरों की देखरेख में ऑक्सीजन और गहन चिकित्सा दी जा रही है। अस्पताल प्रशासन परिजनों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
जनरेटर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का जानलेवा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद लोगों को बंद जगहों पर जनरेटर चलाने के खतरों के प्रति आगाह किया है। जनरेटर के ईंधन से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत विषैली और रंगहीन-गंदहीन गैस होती है, जो बंद कमरों या बिना वेंटिलेशन वाले स्थानों में तेजी से फैल जाती है। इंसान को नींद के दौरान इसके प्रसार का अहसास भी नहीं होता और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाने से व्यक्ति अचेत होकर दम तोड़ देता है।
पुलिस ने शुरू की वैधानिक जांच और शव को भेजा पोस्टमार्टम के लिए
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने मौके का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया जनरेटर के धुएं से दम घुटने का ही प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बुजुर्ग के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। वहीं पुलिस परिजनों के स्वास्थ्य में सुधार होने का इंतजार कर रही है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें।
बंद कमरों में जनरेटर चलाने को लेकर प्रशासन ने जारी की चेतावनी
अमृतसर में घटे इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में जनरेटर या ईंधन से चलने वाले उपकरणों को बंद कमरों, बेसमेंट या बिना हवादार जगहों पर न चलाएं। जनरेटर को हमेशा खुले स्थान, जैसे छत या बालकोनी में ही स्थापित किया जाना चाहिए ताकि उससे निकलने वाला हानिकारक धुआं सीधे खुले वातावरण में निकल सके। थोड़ी सी लापरवाही किस तरह एक पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकती है, यह घटना उसकी एक अत्यंत दुखद मिसाल है।