पटियाला में स्वास्थ्य मंत्री का भारी विरोध: फीस वृद्धि और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ छात्रों ने किया जोरदार घेराव
पंजाब के पटियाला शहर से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां छात्र संगठनों का गुस्सा एक बार फिर प्रशासनिक नीतियों और सरकारी व्यवस्था के खिलाफ खुलकर सड़क पर फूट पड़ा है। राज्य सरकार के कैबिनेट स्तर के स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) का पटियाला दौरे के दौरान स्थानीय छात्र संगठनों और युवा मेडिकल व सामान्य एस्पिरेंट्स द्वारा कड़ा विरोध किया गया। प्रदर्शनकारी छात्र पिछले काफी समय से शैक्षणिक संस्थानों में बेतहाशा फीस वृद्धि, उच्च शिक्षा के गिरते स्तर और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे में हो रही लापरवाहियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। मंत्री के काफिले के सामने अचानक छात्रों के पहुंच जाने और घेराव करने से सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए, जिसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई और जमकर नारेबाजी की गई।
क्यों भड़का छात्रों का यह आक्रोश और क्या हैं मुख्य मांगें?
पंजाब के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र और युवा लंबे समय से प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हो रहे हैं। छात्रों का मुख्य आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में शिक्षण संस्थानों की ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस और अन्य शुल्कों में भारी वृद्धि की गई है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में फैले भ्रष्टाचार तथा बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर भी युवाओं में भारी रोष व्याप्त है। छात्र संगठन लगातार यह मांग कर रहे हैं कि बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस लिया जाए और शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ और पारदर्शी बनाया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के दौरान अचानक हुआ जोरदार प्रदर्शन
जैसे ही स्वास्थ्य मंत्री का आधिकारिक काफिला पटियाला के निर्धारित कार्यक्रम स्थल के पास पहुंचा, पहले से ही ताक लगाकर बैठे छात्र संगठनों के सैकड़ों सदस्य अचानक नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए छात्र मंत्रियों की गाड़ियों के करीब पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत भारी पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी तीखी झड़प भी देखने को मिली। इस अचानक हुए घेराव और हंगामे के कारण वीआईपी रूट पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक पूरी तरह थम गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प, सुरक्षा व्यवस्था धरी रह गई
प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस प्रशासन ने छात्रों को तितर-बितर करने का प्रयास किया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच हल्की धक्का-मुक्की और बहस भी हुई। छात्र अपनी मांगों के समर्थन में पीछे हटने को तैयार नहीं थे और वे स्वास्थ्य मंत्री से मौके पर ही मिलकर ज्ञापन सौंपने और सीधा जवाब मांगने की जिद पर अड़े हुए थे। भारी पुलिस छावनी में तब्दील हुए उस इलाके में छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही छात्र विरोधी नीतियों और फीस बढ़ोतरी के फैसले को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे पंजाब स्तर पर और अधिक तीव्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया पारा, विपक्ष ने साधा निशाना
पटियाला में हुई इस घटना ने पंजाब की सियासत में भी भूचाल ला दिया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आज पंजाब के युवा, छात्र और डॉक्टर अपनी बुनियादी मांगों को लेकर सड़कों पर धक्के खाने को मजबूर हैं, और सरकार केवल झूठे दावे करने में व्यस्त है। विपक्षी दलों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय पुलिस बल के जरिए उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो बेहद निंदनीय है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से पटियाला जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गई है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।