जालंधर में सुरक्षा का 'कवच' तैयार! कैंट रेलवे स्टेशन पर हाई अलर्ट, डीजीपी गौरव यादव ने खुद संभाली कमान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी पंजाब दौरे को देखते हुए जालंधर पूरी तरह से सुरक्षा के घेरे में है। विशेष रूप से जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन और प्रधानमंत्री के संभावित रूट पर सुरक्षा की परतें इतनी सख्त कर दी गई हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। राज्य के पुलिस प्रमुख, डीजीपी गौरव यादव ने खुद फील्ड में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली है। पूरे जालंधर जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य फोकस रेलवे स्टेशन और आसपास के संवेदनशील इलाकों पर है।
डीजीपी गौरव यादव की सीधी निगरानी में सुरक्षा का खाका
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए डीजीपी गौरव यादव ने आला अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद, उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी सतर्कता बरतें। स्टेशन के हर प्रवेश और निकास द्वार पर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और डॉग स्क्वायड व बम निरोधक दस्ते को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है।
जालंधर में चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों का पहरा
प्रधानमंत्री के संभावित रूट और सभा स्थल के आसपास के क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। जालंधर के हर बड़े चौक-चौराहे पर नाकाबंदी कर दी गई है और आने-जाने वाले हर वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने होटल, सराय और गेस्ट हाउस मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को कमरा देने से पहले पुलिस को सूचना दें। इस दौरान किसी भी प्रकार की ड्रोन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है और एंटी-ड्रोन सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया गया है।
सुरक्षा के साथ-साथ प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान
पीएम मोदी के दौरे को लेकर पंजाब पुलिस, रेलवे पुलिस (GRP) और खुफिया एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जारी 'ब्लू बुक' के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम अनिवार्य हैं। सुरक्षा के ये पुख्ता इंतजाम न केवल प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी मजबूती प्रदान करते हैं। जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।