पीएम मोदी से मिले पंजाब के सांसद, डॉ. अशोक मित्तल ने भेंट की पारंपरिक फुलकारी; हरभजन सिंह ने बैठक के बाद कही बड़ी बात

पीएम मोदी से मिले पंजाब के सांसद, डॉ. अशोक मित्तल ने भेंट की पारंपरिक फुलकारी; हरभजन सिंह ने बैठक के बाद कही बड़ी बात

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल उस वक्त तेज हो गई जब पंजाब के विभिन्न दलों और क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक अहम मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट और उच्चस्तरीय बैठक के दौरान पंजाब के विकास, राज्य से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण मुद्दों और जनहित की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मुलाकात का सबसे बड़ा आकर्षण आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद और जाने-माने शिक्षाविद् डॉ. अशोक मित्तल का प्रधानमंत्री को पंजाब की पारंपरिक और सांस्कृतिक धरोहर 'फुलकारी' भेंट करना रहा, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इसके साथ ही, देश के महान क्रिकेटर और आप सांसद हरभजन सिंह ने भी इस बैठक के बाद अपने तीखे और सकारात्मक अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया साझा की, जिससे राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात के मायने और ज्यादा गहरे हो गए हैं।

डॉ. अशोक मित्तल ने पंजाब की सांस्कृतिक पहचान 'फुलकारी' से कराई रूबरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई इस विशेष बैठक में सांसद डॉ. अशोक मित्तल ने पंजाब की समृद्ध संस्कृति और कला का मान बढ़ाते हुए उन्हें पारंपरिक फुलकारी ओढ़ाई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य की शैक्षणिक प्रगति, यूनिवर्सिटी के विकास कार्यों और पंजाब के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर सकारात्मक संवाद हुआ। डॉ. मित्तल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पंजाब के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों और क्षेत्रीय समस्याओं पर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित कराया गया है, ताकि सूबे को तरक्की के रास्ते पर और तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर इस तरह सम्मानित होते देख प्रदेशवासियों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।

मीटिंग के बाद क्या बोले हरभजन सिंह? क्रिकेट के मैदान से सियासत तक का सफर

प्रधानमंत्री के साथ हुई इस मुलाकात के बाद जब मीडिया ने पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह से बातचीत की, तो उन्होंने इस बैठक को बेहद सकारात्मक और फलदायी बताया। 'भज्जी' के नाम से मशहूर हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब के हितों से जुड़े मामलों पर बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के चर्चा होना राज्य के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना, खेलकूद के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब के सांसदों का प्रधानमंत्री से इस तरह मिलना और राज्य के मुद्दों को उठाना आने वाले समय में केंद्र और राज्य के बीच संवाद को और अधिक मजबूत कर सकता है।

Latest Posts