पंजाब : सीएम भगवंत मान ने दिया बड़ा तोहफा, मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर सीधा किया 22 हजार रुपये
पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के आर्थिक कल्याण की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक तथा क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने राज्य के आदर्श स्कूलों (Adarsh Schools) में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी घोषणा करते हुए उनके मासिक मानदेय (Salary Hike) में भारी-भरकम बढ़ोतरी कर दी है। अभी तक इन शिक्षकों को बेहद कम मानदेय के रूप में केवल 10,000 रुपये प्रति माह मिलते थे, जिससे उनके लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना और महंगाई के इस दौर में जीवन यापन करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इस सैलरी को 10,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 22,000 रुपये प्रति महीने कर दिया है। सरकार के इस शानदार फैसले के सामने आने के बाद पंजाब भर के आदर्श स्कूलों के शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है और चारों तरफ से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है।
आदर्श स्कूलों की पुरानी समस्याएं और शिक्षकों का लंबा संघर्ष
पंजाब के विभिन्न जिलों में संचालित होने वाले इन आदर्श स्कूलों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) या अन्य माध्यमों से चलाया जाता रहा है, लेकिन लंबे समय से इनमें पढ़ाने वाले शिक्षक प्रशासनिक और वित्तीय उपेक्षा का शिकार थे। इन स्कूलों में तैनात शिक्षक पिछले कई सालों से लगातार यह मांग उठा रहे थे कि उन्हें अन्य नियमित सरकारी शिक्षकों की तर्ज पर उचित वेतन और सुविधाएं दी जाएं ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के पूरी लगन के साथ बच्चों को शिक्षा दे सकें। कम मानदेय मिलने के कारण कई बार शिक्षकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, जिसका असर कहीं न कहीं शिक्षण कार्य पर भी पड़ता था। शिक्षकों के इस लंबे संघर्ष और उनकी जायज मांगों को संज्ञान में लेते हुए पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग ने एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन शिक्षकों का मानदेय दोगुने से भी अधिक बढ़ाने का यह बहुप्रतीक्षित निर्णय लिया।
शिक्षा के स्तर को सुधारने और शिक्षकों को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम
मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह मानना है कि जब तक राज्य का शिक्षक आर्थिक रूप से मजबूत और संतुष्ट नहीं होगा, तब तक स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं है। दिल्ली की तर्ज पर पंजाब में भी सरकारी स्कूलों (Government Schools) का कायाकल्प करना आप सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहा है। अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ अब शिक्षकों के मानदेय में की गई इस वृद्धि से यह साबित हो गया है कि सरकार जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को कितना महत्व दे रही है। इस सैलरी हाइक से न केवल शिक्षकों का मनोबल काफी ऊंचा होगा, बल्कि वे और अधिक ऊर्जा और प्रेरणा के साथ छात्रों के भविष्य को संवारने में अपना योगदान देंगे। शिक्षाविदों ने भी सरकार के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे पंजाब के शैक्षणिक भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
पंजाब सरकार की अन्य कल्याणकारी नीतियां और जनता की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार बड़े सुधार देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां हजारों कच्चे शिक्षकों को पक्का किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन करके उन्हें राहत दी जा रही है। आदर्श स्कूलों के शिक्षकों के मानदेय में हुई इस बढ़ोतरी को आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी बेहद अहम माना जा रहा है। सोशल मीडिया और विभिन्न शिक्षक संघों के मंचों पर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को धन्यवाद देते हुए कहा है कि इस फैसले से उनके बरसों पुराने संघर्ष का सुखद अंत हुआ है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि सरकार अपनी गारونियों और वादों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जिससे राज्य के आम नागरिकों और नौकरीपेशा वर्ग का सरकार के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।