पंजाब के लाल की शहादत: राजौरी में देश की रक्षा करते हुए जवान सुखप्रीत सिंह हुए बलिदान

पंजाब के लाल की शहादत: राजौरी में देश की रक्षा करते हुए जवान सुखप्रीत सिंह हुए बलिदान

देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर से एक बेहद झकझोर देने वाली और दुखद खबर सामने आई है। पंजाब के एक जांबाज सपूत सुखप्रीत सिंह ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दे दी है। इस शहादत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सबसे दिल दहला देने वाला पहलू यह है कि जिस घर में कुछ ही महीनों बाद यानी नवंबर के महीने में शादी की शहनाइयां गूंजने वाली थीं और खुशियों का माहौल होना था, वहां अब चूल्हा तक नहीं जला है और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो गया है।

देश के लिए समर्पित था जवान का जीवन, राजौरी में हुई घटना

भारतीय सेना में तैनात सुखप्रीत सिंह अपनी कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी के लिए जाने जाते थे। राजौरी सेक्टर में आतंकवादियों या सीमा पर सुरक्षा के दौरान डटे रहने वाले इस वीर जवान ने देश की संप्रभुता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। सेना के अधिकारियों ने जब इस दुखद घटना की सूचना उनके परिजनों को दी, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हर कोई यह विश्वास ही नहीं कर पा रहा था कि देश की रक्षा करने वाला उनका लाडला अब इस दुनिया में नहीं रहा। शहादत की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और रिश्तेदार शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे।

घर में चल रही थीं शादी की तैयारियां, खुशियां बदलीं मातम में

शहीद सुखप्रीत सिंह के घर में इन दिनों आगामी नवंबर महीने में होने वाले उनके विवाह को लेकर जबरदस्त उत्साह और तैयारियां चल रही थीं। शादी की खरीदारी और रिश्तेदारों को न्योता देने की योजनाओं के बीच अचानक आई इस मनहूस खबर ने सब कुछ तबाह कर दिया। जिस सेहरे और घोड़ी चढ़ने के सपनों के साथ परिवार दिन गिन रहा था, अब उसी घर में तिरंगे में लिपटकर उनका पार्थिव शरीर पहुंचने की खबर से हर आंख नम है। मां-बाप और होने वाली दुल्हन का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे क्षेत्र के लोग इस राष्ट्रीय क्षति पर गमगीन हैं।

शहीद को अंतिम विदाई देने उमड़ेगा जनसैलाब

पंजाब के इस वीर सपूत का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया जा रहा है, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन और सैन्य अधिकारियों द्वारा शहादत को नमन करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दुखद मौके पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में आम लोग अपने लाडले जवान को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचेंगे। सुखप्रीत सिंह की यह शहादत भले ही परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे गई हो, लेकिन उनका यह बलिदान देश के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा।

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