पंजाबी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की बर्बर हत्या के मामले में दर्ज हुई FIR

पंजाबी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की बर्बर हत्या के मामले में दर्ज हुई FIR

सोशल मीडिया पर लोकप्रिय पंजाबी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की संदिग्ध और रोंगटे खड़े कर देने वाली मौत के मामले में पुलिस प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। लगभग दो महीने तक जांच और पत्राचार के फेर में दबे रहे इस सनसनीखेज मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने आखिरकार हत्या और आपराधिक साजिश की गंभीर धाराओं के तहत औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि मंजीत कौर को सुनसान जगह पर ले जाकर एक पेड़ से बांधा गया और फिर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उन्हें जिंदा जला दिया गया। इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

दो महीने तक क्यों दबा रहा मामला: परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

परिजनों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद जब वे न्याय की गुहार लगाने पहुंचे, तो सीमा विवाद और शुरुआती बयानों की जटिलताओं के चलते मामला दर्ज करने में अनावश्यक देरी की गई। परिवार का आरोप है कि मंजीत कौर की हत्या को एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया था, लेकिन पुलिस शुरुआती दौर में इसे हादसे या आत्महत्या के एंगल से देख रही थी। परिजनों ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की, सबूत सौंपे और विस्तृत जांच की अर्जी दी। जब मामले ने तूल पकड़ा और फॉरेंसिक साक्ष्यों के साथ-साथ परिवार की लगातार पैरवी का दबाव बढ़ा, तब जाकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर संबंधित थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया।

फॉरेंसिक सबूत और घटनास्थल के हालात बयां कर रहे खौफनाक सच

घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और शुरुआती फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, मंजीत कौर के शरीर पर गंभीर रूप से झुलसने के गहरे निशान थे। घटनास्थल पर मौजूद पेड़ के तने पर रस्सियों के टुकड़े और जलने के स्पष्ट अवशेष मिले हैं, जिससे इस बात को बल मिलता है कि उन्हें भागने या खुद का बचाव करने का कोई मौका नहीं दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने वहां से मिट्टी के नमूने, जली हुई लकड़ी और केमिकल रेसिड्यू एकत्र किए हैं, जिन्हें लैब में रासायनिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है। मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों को भी अब एफआईआर का मुख्य आधार बनाया गया है।

चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल टीम गठित, संदिग्धों से पूछताछ शुरू

केस दर्ज होते ही चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। पुलिस ने मंजीत कौर के सोशल मीडिया अकाउंट्स, कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स (CDR) और हालिया वित्तीय लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि घटना वाले दिन मंजीत कौर किसके संपर्क में थीं और उन्हें आखिरी बार किसके साथ देखा गया था। सूत्रों के मुताबिक, उनके करीबी घेरे में रहे कुछ लोगों और पुराने विवादों से जुड़े संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

सोशल मीडिया और प्रशंसकों में भारी रोष, न्याय की उठी मांग

मंजीत कौर सोशल मीडिया पर अपने सांस्कृतिक और मनोरंजन से जुड़े वीडियोज के लिए जानी जाती थीं और उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग थी। जैसे ही उनकी निर्मम हत्या और एफआईआर दर्ज होने की खबर सार्वजनिक हुई, इंटरनेट पर उनके प्रशंसकों और महिला सुरक्षा संगठनों ने 'जस्टिस फॉर मंजीत कौर' अभियान छेड़ दिया है। लोग मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की जाए, इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए।

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