पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सुबह सूरज निकलने से पहले नशा तस्कर के घर पर दबिश, 268 किलो चूरा पोस्त बरामद
कानून-व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियानों के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का कड़ा संदेश देते हुए सुबह-सुबह तड़के एक बड़े नशा तस्कर के ठिकाने पर जबरदस्त रेड डाली है। पुलिस महकमे को पिछले काफी समय से यह गुप्त सूचना मिल रही थी कि इलाके में मादक पदार्थों का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है और युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेला जा रहा है। इसी इनपुट के आधार पर स्थानीय पुलिस ने अपनी रणनीति तैयार की और सूरज की पहली किरण निकलने से ठीक पहले अचानक से आरोपी के आशियाने को चारों तरफ से घेर लिया। इस अचूक और ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में यानी लगभग 268 किलोग्राम अवैध चूरा पोस्त बरामद किया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है। इस सनसनीखेज खुलासे और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ड्रग्स के कारोबार में संलिप्त अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है और वे समझ नहीं पा रहे हैं कि पुलिस की इतनी सटीक नजर उन तक कैसे पहुंच गई।
सुबह होने से पहले तड़के पुलिस की अचूक रेड और गोपनीयता
इस पूरी कार्रवाई की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहद गोपनीय योजना और समय का सटीक चयन था, ताकि तस्करों को संभलने का मौका न मिल सके। जब आम लोग और तस्कर अपनी नींद में थे, ठीक उसी समय पुलिस की विशेष टीमों ने संबंधित इलाके में मोर्चा संभाल लिया था। तस्कर अक्सर सुबह के समय अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं या पुलिस की नजरों से बचने के लिए माल को ठिकाने बदलने की फिराक में रहते हैं, लेकिन पुलिस ने उनसे एक कदम आगे निकलते हुए अहले सुबह ही धावा बोल दिया। जैसे ही पुलिस बल ने आरोपी के मकान और उसके आसपास के परिसरों को घेरा, वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। इस तरह की औचक कार्रवाई से अपराधियों के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया गया और वे चाहकर भी अपने अवैध माल को इधर-उधर या छुपाने में कामयाब नहीं हो पाए।
मकान के चप्पे-चप्पे की तलाशी और 268 किलो चूरा पोस्त की बरामदगी
घर के अंदर दाखिल होने के बाद पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीमों ने एक-एक कमरे, तहखाने और संदिग्ध जगहों की बारीकी से तलाशी लेनी शुरू की। तलाशी अभियान के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया, क्योंकि घर के अंदर बोरियों और कट्टों में भरकर भारी मात्रा में मादक पदार्थ छिपा कर रखा गया था। जब इन सभी बोरियों का वजन कराया गया, तो कुल बरामद चूरा पोस्त की मात्रा 268 किलोग्राम निकली। इतनी भारी खेप का मिलना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यह आरोपी किसी छोटे-मोटे नशे के पुड़िया बेचने वाले पैडलर की बजाय एक बड़े सिंडिकेट का संचालन कर रहा था, जो आसपास के जिलों और राज्यों में भी इस अवैध जहर की सप्लाई करता था। पुलिस ने फौरन एनडीपीएस एक्ट के तहत सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए इस पूरे माल को अपने कब्जे में ले लिया और इसे सील कर दिया।
नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क और सप्लायरों की तलाश तेज
मौके से भारी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद पुलिस अब इस बात की तह तक जाने में जुट गई है कि इस खेल के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह यह 268 किलो चूरा पोस्त कहां से खरीदकर लाता था और इसे आगे किन-किन लोगों या तस्करों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस अवैध कारोबार में कुछ अन्य स्थानीय और बाहरी चेहरे भी शामिल हो सकते हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर इस पूरे नेटवर्क को आर्थिक और वैचारिक समर्थन दे रहे थे। कॉल डिटेल्स, बैंक खातों के लेनदेन और संदिग्ध संपर्कों की जांच के जरिए पुलिस उन तमाम कड़ियों को आपस में जोड़ने का प्रयास कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।
मादक पदार्थों के खिलाफ प्रशासन का कड़ा रुख और जनसहयोग
पिछले कुछ महीनों से पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार ताबड़तोड़ अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके तहत कई बड़े तस्करों की संपत्तियों को भी जब्त किया गया है और उन्हें सलाखों के पीछे भेजा गया है। अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि समाज को दीमक की तरह खोखला कर रहे इस नशे के काले कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता रहेगा। इस प्रकार की सफल रेड में स्थानीय जागरूक नागरिकों द्वारा दी गई गुप्त सूचनाओं ने भी बहुत अहम भूमिका निभाई है, जो यह साबित करता है कि जब आम जनता और पुलिस मिलकर काम करती है, तो अपराधियों के लिए बचना नामुमकिन हो जाता है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास भी इस तरह का अवैध कारोबार या संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं, तो वे बेझिझक पुलिस को सूचना दें, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके।