पंजाब के संगरूर में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा

पंजाब के संगरूर में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा

पंजाब के संगरूर जिले से एक बेहद मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सड़क किनारे काम कर रहे निर्दोष श्रमिकों पर मौत बनकर एक बेकाबू कार काल बन कर टूट पड़ी। रविवार शाम को घटी इस दर्दनाक दुर्घटना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत काम कर रहे कई मजदूर भीषण हादसे का शिकार हो गए। शुरुआती रिपोर्ट्स और प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस ভয়াবহ हादसे में लगभग 8 से 9 श्रमिकों की मौके पर ही या अस्पताल ले जाते वक्त दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया और राहत व बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? अलिशेर गांव के पास सड़क किनारे बैठे थे मजदूर

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा संगरूर जिले के लहरागागा-जाखल मार्ग पर स्थित अलिशेर गांव के पास हुआ। मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण विकास कार्य में लगे लगभग 20 से अधिक मजदूर दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद सड़क किनारे थोड़ा विश्राम कर रहे थे और पानी पी रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार शेवरलेट (Chevrolet Optra Magnum) कार बेकाबू हो गई। गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक उस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और वाहन सीधे सड़क किनारे बैठे मजदूरों के झुंड को रौंदता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई मजदूर दूर छिटक कर जा गिरे और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।

मृतकों में महिलाओं की संख्या अधिक, अस्पताल में मची अफरातफरी

इस भयानक सड़क हादसे की चपेट में आने वाले अधिकांश मजदूर बेहद गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते थे। अधिकारियों द्वारा दी गई शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए रोज मजदूरी करने जाती थीं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और आसपास के राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल हुए 12 से अधिक मजदूरों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम घायलों की जान बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है, जिसके चलते मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पुलिस ने आरोपी कार चालक को किया गिरफ्तार, ग्रामीणों में फैला भारी आक्रोश

घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके से फरार होने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी ड्राइवर की पहचान कर उसे दबोच लिया। आरोपी ड्राइवर की पहचान प्रगट सिंह उर्फ काला (निवासी रैधराना गांव) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि, इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों के परिजनों में प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के काफी देर बाद तक एम्बुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंची, जिसके कारण समय पर इलाज न मिलने से कुछ घायलों की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।

राजनीतिक दलों ने जताया गहरा शोक, मुआवजे और कड़ी कार्रवाई की मांग

इस दर्दनाक सड़क हादसे पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। विपक्षी नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि पीड़ित गरीब परिवारों को तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और घायलों का मुफ्त व सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले और तेज रफ्तार के आदि ड्राइवरों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सबसे कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। सड़क किनारे काम करने वाले इन गरीब मजदूरों की इस तरह अचानक हुई मौत ने एक बार फिर से सड़कों पर सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।