राहुल गांधी पर केस दर्ज: चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, गवर्नर हाउस की तरफ बढ़ने पर पुलिस से तीखी झड़प
देश की राजनीति में इन दिनों बयानों को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है और इसका सीधा असर अब सड़कों पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर दर्ज किए गए मुकदमे के विरोध में चंडीगढ़ की सड़कों पर कांग्रेस पार्टी का गुस्सा फूट पड़ा है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पार्टी के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में एक विशाल रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान जब कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गवर्नर हाउस की तरफ बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़े बैरिकेड्स लगा दिए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। चंडीगढ़ और पंजाब की सीमाओं पर इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दी गई और घंटों तक राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर बनी रही।
राहुल गांधी पर केस दर्ज होने के बाद भड़की कांग्रेस पार्टी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज होने की खबर सामने आते ही कांग्रेस पार्टी आक्रामक मूड में आ गई है। पार्टी हाईकमान के निर्देशों के बाद पंजाब कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष और तानाशाही रवैये के तहत झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि विपक्ष की मुखर आवाज को दबाया जा सके। इसी दमनकारी नीति के विरोध में पंजाब कांग्रेस ने चंडीगढ़ में जोरदार शक्ति प्रदर्शन करने का फैसला किया। प्रदेशभर से जुटे हजारों कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कानूनी कार्रवाई को लोकतंत्र की गला घोंटने की कोशिश करार दिया।
चंडीगढ़ में गवर्नर हाउस घेराव के दौरान पुलिस से जबरदस्त टकराव
चंडीगढ़ के सेक्टरों में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब पंजाब कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब राजभवन यानी गवर्नर हाउस की तरफ कूच किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने भारी तादाद में पुलिस बल तैनात कर रखा था और कई जगहों पर लोहे के मजबूत बैरिकेड्स लगा दिए गए थे। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की, पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का भी इस्तेमाल किया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। बैरिकेड्स पर हुई इस खींचतान के दौरान कई नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन कांग्रेसी नेता अपनी जिद पर अड़े रहे और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
पंजाब कांग्रेस के दिग्गजों की हुंकार, लोकतांत्रिक अधिकारों का हो रहा हनन
इस प्रदर्शन के दौरान पंजाब कांग्रेस के कई बड़े नेता, विधायक और सांसद मौजूद रहे जिन्होंने मंच से केंद्र सरकार पर करारा प्रहार किया। वक्ताओं ने कहा कि आज देश में जो लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ सवाल उठाते हैं, उन्हें दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों और कानूनी शिकंजे का इस्तेमाल किया जा रहा है। राहुल गांधी लगातार देश के आम नागरिकों, युवाओं, किसानों और संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनके बयानों से डरकर इस तरह के हथकंडे अपना रही है। नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इन मुकदमों और पुलिसिया लाठी-गोली से डरने वाली नहीं है, बल्कि इस संघर्ष को और अधिक तीव्र किया जाएगा। पंजाब के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी और तानाशाही का अंत करने का आह्वान किया।
प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर पड़ा असर
कांग्रेस के इस उग्र प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए थे। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से लेकर गवर्नर हाउस और मुख्यमंत्री आवास के आसपास के इलाकों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा कारणों से कई मुख्य मार्गों पर यातायात को डायवर्ट करना पड़ा, जिसके कारण शहर से गुजरने वाले आम लोगों और वाहन चालकों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और शहर की शांति भंग न हो, इसके लिए पुख्ता प्रबंध करना जरूरी था। देर शाम तक चले इस राजनीतिक ड्रामे के बाद पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और अधिक तेज हो गई है।