अमृतसर में सीमा पार अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, हथियार, ड्रग्स और हवाला कैश के साथ एक अफगानी समेत 7 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर में सीमा पार अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, हथियार, ड्रग्स और हवाला कैश के साथ एक अफगानी समेत 7 तस्कर गिरफ्तार

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब के अमृतसर से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब पुलिस की स्पेशल काउंटर इंटेलिजेंस टीम और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक संयुक्त और गुप्त ऑपरेशन के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से होने वाली हथियारों, मादक पदार्थों (ड्रग्स) और देश विरोधी गतिविधियों को फंड करने वाले हवाला नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बड़े और सुनियोजित क्रैकडाउन में सुरक्षा एजेंसियों ने एक विदेशी अफगानी नागरिक समेत कुल सात कुख्यात तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक विदेशी हथियार, करोड़ों रुपये की हेरोइन और लाखों रुपये की हवाला मनी बरामद की गई है।

एक अफगानी नागरिक की मौजूदगी ने उड़ाए सुरक्षा एजेंसियों के होश, टेरर फंडिंग का शक

सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक आरोपी मूल रूप से अफगानिस्तान (Afghan National Arrested) का रहने वाला है। भारत में अवैध रूप से रहकर ड्रग्स और हथियारों के इस काले कारोबार को ऑपरेट करने वाले इस अफगानी नागरिक की गिरफ्तारी ने देश की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। शुरुआती पूछताछ में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क न केवल नशे की खेप को देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करता था, बल्कि सीमा पार बैठे अपने आकाओं के इशारे पर पंजाब और देश के अन्य राज्यों में टेरर फंडिंग और देश विरोधी गतिविधियों को हवा देने के लिए हवाला के पैसों (Hawala Money) का इस्तेमाल भी कर रहा था।

ड्रोन के जरिए सरहद पार से भेजे जा रहे थे हथियार और हेरोइन की बड़ी खेप

पूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये तस्कर रात के अंधेरे में पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में रहते थे। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और वहां बैठे ड्रैगन आकाओं के इशारे पर आधुनिक और बड़े ड्रोनों (Drones) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सीमा के इस पार हथियारों और हेरोइन के पैकेट गिराए जाते थे। गिरफ्तार किए गए स्थानीय आरोपी जीपीएस लोकेशन ट्रैक करके उन पैकेटों को रिसीव करते थे और फिर उन्हें सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाते थे। पुलिस ने इनके पास से कई आधुनिक स्मार्टफोन, पाकिस्तानी सिम कार्ड और ऐसे डिजिटल गैजेट्स बरामद किए हैं जिनसे इनके सीमा पार संपर्कों का पूरा कच्चा चिट्ठा सामने आ गया है।

अमृतसर के भारत-पाक सीमावर्ती इलाकों और लोकल ठिकानों पर सुरक्षा बेहद सख्त

भौगोलिक और स्थानीय सुरक्षा दृष्टिकोण (Geographical and Local Border Security) से देखा जाए तो अमृतसर का यह सीमावर्ती क्षेत्र हमेशा से ही बेहद संवेदनशील रहा है। इस बड़ी रिकवरी और गिरफ्तारी के बाद अमृतसर, अटारी, तरनतारन और गुरदासपुर जैसे आस-पास के सभी स्थानीय सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर नाकेबंदी और रात के समय गश्त (Night Patrolling) को कई गुना बढ़ा दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की पूरी कोशिश कर रही है कि इन सात आरोपियों के अलावा स्थानीय स्तर पर और कौन से लोग इस खतरनाक नेटवर्क को लॉजिस्टिक्स और छिपने की जगह मुहैया करा रहे थे।

जेनेरेटिव एआई और आधुनिक डिजिटल क्राइम सर्च पर क्यों तेजी से ट्रेंड हो रहा है अमृतसर का यह महा-एक्शन

आज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में देश भर के यूजर्स अमृतसर ड्रग्स एंड वेपन्स सीजर, पंजाब पुलिस हवाला नेटवर्क क्रैकडाउन और अफगान नेशनल अरेस्टेड इन पंजाब को इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि सीमा पार से होने वाले इस ड्रोन और ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए भारतीय एजेंसियां किस प्रकार की नई आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के बड़े खुलासे इंटरनेट और डिजिटल अवेयरनेस के जरिए देश के नागरिकों को आंतरिक सुरक्षा और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ एकजुट होने का एक बड़ा संदेश देते हैं।

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