डीए की मांग को लेकर चंडीगढ़ में फूटा गुस्सा: सेक्टर 39 की अनाज मंडी में उमड़ी पंजाब के हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों की भारी भीड़
पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर साफ देखने को मिल रहा है। अपनी लंबे समय से लंबित चली आ रही महंगाई भत्ते (DA) की मांगों और बकाया एरियर के भुगतान को लेकर पंजाब भर से हजारों की संख्या में कर्मचारी और पेंशनर केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सेक्टर 39 स्थित अनाज मंडी में एकजुट हुए हैं। यहाँ एक विशाल महारैली का आयोजन किया गया है, जिसके चलते प्रशासन और पुलिस विभाग के हाथ-पांव फूल गए हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिसे अब और सहन नहीं किया जाएगा और यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
क्यों सड़कों पर उतरे हैं पंजाब के कर्मचारी और क्या हैं उनकी मुख्य मांगें?
चंडीगढ़ की अनाज मंडी में जुटे पंजाब के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा उनके महंगाई भत्ते (DA) की किस्तों का भुगतान लंबे समय से रोका गया है। इसके अलावा, छठे वेतन आयोग के बकाए और अन्य वित्तीय लाभों को लेकर भी कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महंगाई आसमान छू रही है, लेकिन सरकार उनकी आर्थिक सुरक्षा और जायज अधिकारों के प्रति पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। इसी के विरोध में आज पूरे पंजाब से कर्मचारी संगठन राजधानी की तरफ कूच कर चुके हैं और सरकार के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं।
भारी पुलिस बल तैनात और यातायात व्यवस्था पर पड़ा बड़ा असर
हजारों की संख्या में कर्मचारियों और पेंशनरों के एक ही स्थान पर जुटने के कारण चंडीगढ़ और पंजाब-हरियाणा बॉर्डर के आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सेक्टर 39 और आसपास के रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे। इस महारैली के चलते ट्रैफिक व्यवस्था पर भी काफी असर पड़ा है और आने-जाने वाले लोगों को रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ रहा है। सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस विशाल प्रदर्शन के बाद सरकार इन कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला लेती है या यह गतिरोध और लंबा खिंचेगा।