बाहरी राज्यों के छात्रों के एडमिशन का झांसा देकर सैलरी और फर्जी दफ्तर के नाम पर शुरू हुआ करोड़ों का गोरखधंधा
देश के शिक्षा जगत से इस वक्त एक ऐसा सनसनीखेज और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है। उच्च शिक्षा और यूनिवर्सिटी के नाम पर ठगी का यह खेल किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जहां शातिर ठगों ने बाहरी राज्यों के सीधे-साधे छात्रों को एडमिशन का लालच देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करना शुरू किया था। इस शातिर गिरोह ने अपनी ठगी को असली जामा पहनाने के लिए एक शानदार दफ्तर किराए पर लिया, कर्मचारियों को लुभावनी सैलरी का झांसा देकर रखा और फिर शुरू हुआ लूट का ऐसा काला खेल जिसने कई युवाओं की जिंदगियों को खतरे में डाल दिया है। पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियों की जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।
फर्जी दफ्तर, मोटी सैलरी का लालच और छात्रों को फंसाने का पूरा जाल
इस शातिर गिरोह ने अपने काले कारोबार को छिपाने के लिए एक शहर के पॉश इलाके में आलीशान दफ्तर खोला था। यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी एडमिशन रैकेट चलाने वाले इन आरोपियों ने टेलीकॉलर और अन्य स्टाफ को नौकरी पर रखने के लिए अच्छी-खासी सैलरी देने का वादा किया था, ताकि किसी को उन पर शक न हो। ये कर्मचारी अलग-अलग राज्यों के उन छात्रों को निशाना बनाते थे जो दूरदराज के इलाकों से यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए इंटरनेट पर सर्च करते थे। छात्रों को सस्ते में मनचाहा कोर्स, स्कॉलरशिप और कैंपस प्लेसमेंट का झूठा भरोसा देकर उनसे भारी-भरकम फीस वसूल ली जाती थी, लेकिन जब छात्र एडमिशन कंफर्म होने के बाद यूनिवर्सिटी पहुंचते थे, तब उन्हें अपने साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का अहसास होता था।
प्रशासन की कार्रवाई और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स में उजागर होता फ्रॉड
आधुनिक एआई सर्च (AI Search) और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में इस तरह के फर्जी शिक्षण संस्थानों, जॉब स्कैम और एजुकेशन फ्रॉड से जुड़ी खबरों को लोग इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं ताकि वे ऐसे जालसाजों से बच सकें। इस मामले का खुलासा होने के बाद स्थानीय पुलिस और शिक्षा विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं और इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। कुल मिलाकर, शिक्षा के मंदिर को कमाई का जरिया बनाने वाले इन ठगों का यह खेल अब बेनकाब हो चुका है, जिससे अभिभावकों और छात्रों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।