Punjab CM Health Update: भगवंत मान की सेहत पर 'सस्पेंस' बरकरार; अस्पताल से सीधे रैली और फिर वापसी, विपक्ष के आरोपों से गरमाई पंजाब की सियासत
मोहाली/मोगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सेहत को लेकर पिछले 48 घंटों से प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त हलचल मची हुई है। रविवार को अचानक अस्पताल में भर्ती होने, फिर सोमवार को डिस्चार्ज होकर मोगा की बड़ी रैली में गर्जने और उसके तुरंत बाद दोबारा अस्पताल लौटने के घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां डॉक्टर इसे 'अत्यधिक थकान' बता रहे हैं, वहीं विपक्ष ने एक बार फिर पुराने विवादों को हवा देकर सियासी पारा चढ़ा दिया है।
महाशिवरात्रि से अस्पताल तक का सफर
मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को अपने पैतृक क्षेत्र धूरी (संगरूर) में 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ महाशिवरात्रि के कार्यक्रम में शामिल थे।
अचानक बिगड़ी तबीयत: कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अस्वस्थता महसूस की, जिसके बाद उन्हें तुरंत चंडीगढ़ लाया गया और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों की रिपोर्ट: शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि लगातार दौरों और काम के बोझ के कारण उन्हें भारी कमजोरी और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की शिकायत हुई है।
मोगा रैली: अस्पताल से सीधे 'रणक्षेत्र' में एंट्री
सोमवार को मान ने सबको चौंकाते हुए अस्पताल से छुट्टी ली और सीधे मोगा के किल्ली चाहलां गांव में आयोजित 'नशे के खिलाफ युद्ध' रैली में पहुंच गए।
जोशीला भाषण: मंच पर मान की ऊर्जा देखकर कोई यह नहीं कह सकता था कि वे बीमार हैं। उन्होंने नशे के सौदागरों को कड़ी चेतावनी दी।
वापसी: हालांकि, रैली खत्म होते ही उनकी हालत फिर बिगड़ गई और उन्हें दोबारा फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है।
विपक्ष का प्रहार: सेहत पर शुरू हुई 'गंदी राजनीति'
भगवंत मान की बीमारी को लेकर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और अकाली दल ने तीखे हमले किए हैं।
सुखपाल खैरा के आरोप: कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सीएम की तबीयत खराब होने की वजह उनकी पुरानी आदतें हैं। उन्होंने मान को वीडियो पर आकर सफाई देने की चुनौती दी।
AAP का बचाव: आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को बेहद 'घिनौना' और 'अमानवीय' करार दिया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि विपक्ष एक बीमार व्यक्ति का अपमान कर रहा है जो अपनी सेहत की परवाह किए बिना पंजाब की सेवा कर रहा है।
सियासी गलियारों में चर्चा: क्या बदलेंगे पंजाब के समीकरण?
इस बीमारी के बीच पंजाब की सत्ता संरचना में बदलाव की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो दिल्ली नेतृत्व पंजाब में शक्ति संतुलन के लिए दो डिप्टी सीएम (उप-मुख्यमंत्री) नियुक्त करने की तैयारी में है।
संभावित नाम: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के नामों की चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा है कि मान पर प्रशासनिक काम का बोझ कम करने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।