Punjab Assembly Uproar : सुखपाल खैरा की पोस्ट पर पंजाब विधानसभा में संग्राम AAP ने पास किया निंदा प्रस्ताव
News India Live, Digital Desk: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा (Sukhpal Singh Khaira) द्वारा महिलाओं को मिलने वाली 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता योजना पर की गई एक टिप्पणी ने विधानसभा में भूचाल ला दिया है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे पंजाब की माताओं और बहनों का अपमान बताते हुए सदन में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव (Censure Motion) पारित कर दिया है।
क्या है पूरा विवाद? (The Social Media Post)
विवाद की शुरुआत खैरा की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार की महिलाओं के लिए '1,000 रुपये प्रति माह' की योजना की आलोचना की थी।
विवादित टिप्पणी: खैरा ने कथित तौर पर कहा कि "जो महिलाएं 1,000 रुपये के लिए गिद्दा (Gidda) डालती हैं, उनसे 'शूरवीर' (Warriors) पैदा होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?"
AAP का विरोध: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और महिला विधायकों ने इस बयान को दलित और गरीब महिलाओं की गरिमा पर चोट बताया। चीमा ने कहा कि "चांदी की चम्मच लेकर पैदा होने वाले" नेताओं को गरीब महिलाओं के संघर्ष का अपमान करने का कोई हक नहीं है।
विधानसभा में हंगामा और निंदा प्रस्ताव
मंगलवार (10 मार्च 2026) को बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में नारेबाजी शुरू हो गई:
सदन की कार्यवाही स्थगित: हंगामे को देखते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवा को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
प्रस्ताव पारित: कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर AAP विधायक इंद्रजीत कौर मान ने निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
विपक्ष का रुख: विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने हालांकि इस बयान से पल्ला झाड़ते हुए खेद व्यक्त किया, लेकिन कांग्रेस के अन्य सदस्य सदन में शांत रहे।
राज्य महिला आयोग का सख्त रुख
यह मामला केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहा है। पंजाब राज्य महिला आयोग ने इस पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है:
समन जारी: आयोग ने सुखपाल खैरा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को 12 मार्च 2026 को पेश होने का आदेश दिया है।
जांच के आदेश: कपूरथला के एसएसपी से इस मामले में एक विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है, जो एसपी रैंक के अधिकारी द्वारा तैयार की जाएगी।
खैरा की सफाई
दूसरी ओर, सुखपाल खैरा ने अपनी पोस्ट का बचाव करते हुए कहा है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि वह सरकार द्वारा महिलाओं को "सिर्फ 1,000 रुपये" देकर उनके स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने की नीति का विरोध कर रहे थे।