Punjab Administrative Reshuffle : पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल 42 IAS और PCS अधिकारी बदले गए
News India Live, Digital Desk : पंजाब सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन तबादलों को 'प्रशासनिक आधार' पर तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न जिलों और विभागों में कामकाज की गति को तेज करना है।
1. प्रमुख IAS अधिकारियों के तबादले (Key IAS Transfers)
स्थानांतरित किए गए 42 अधिकारियों में से कुछ प्रमुख नाम और उनकी नई भूमिकाएं इस प्रकार हैं:
राजदीप सिंह बराड़ (IAS 2020): इन्हें अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य), मलेरकोटला के पद पर तैनात किया गया है। इससे पहले वे अतिरिक्त मुख्य प्रशासक, बठिंडा विकास प्राधिकरण (BDA) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
सुनील (IAS 2023): इन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई है (विशिष्ट विभाग की जानकारी आधिकारिक सूची में अपडेट की गई है)।
दिव्या पी (IAS 2022): इन्हें अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास), जालंधर नियुक्त किया गया है।
विवेक कुमार मोदी (IAS 2022): इन्हें अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य), बरनाला की जिम्मेदारी दी गई है।
कृष्णा पाल राजपूत (IAS 2022): इन्हें अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास), फिरोजपुर लगाया गया है।
2. महत्वपूर्ण PCS अधिकारियों की नई नियुक्तियां
IAS अधिकारियों के साथ-साथ कई वरिष्ठ PCS अधिकारियों को भी नई फील्ड पोस्टिंग दी गई है:
गुरप्रीत सिंह थिंद (PCS): अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य), तरनतारन।
रुपिंदर पाल सिंह (PCS): अतिरिक्त उपायुक्त (शहरी विकास), अमृतसर।
अमित बाम्बी (PCS): अतिरिक्त उपायुक्त (शहरी विकास), लुधियाना।
अमरबीर कौर भुल्लर (PCS): इन्हें सचिव, पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है।
3. हालिया अन्य फेरबदल (Context)
यह फेरबदल पिछले कुछ हफ्तों से चल रही तबादला प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले:
20 फरवरी 2026: सरकार ने 96 IAS और PCS अधिकारियों की एक जंबो लिस्ट जारी की थी।
16 फरवरी 2026: गिरीश दयालन (IAS) और प्रीति यादव (IAS) जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया था, जिसमें गिरीश दयालन को MARKFED का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
4. फेरबदल का उद्देश्य
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों के अनुसार, इन तबादलों का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाना और जनता से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करना है। विशेष रूप से जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे बड़े केंद्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए युवा अधिकारियों पर भरोसा जताया गया है।