BREAKING:
April 18 2026 05:46 am

PSL 2026 : पीएसएल में पॉज पर मचा बवाल, उस्मान तारिक के एक्शन पर भड़के डेरिल मिचेल, बीच मैदान में ही छोड़ दिया क्रीज

Post

News India Live, Digital Desk: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। क्वेटा ग्लैडिएटर्स और रावलपिंडी पिंडीज़ के बीच खेले गए मैच के दौरान न्यूज़ीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिचेल और पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विवाद की वजह उस्मान तारिक का वह 'अजीबोगरीब' बॉलिंग एक्शन बना, जिसमें वे गेंद फेंकने से ठीक पहले एक लंबा ठहराव (Pause) लेते हैं। मिचेल इस एक्शन से इतने असहज दिखे कि उन्होंने दो बार गेंद खेलने से मना कर दिया और क्रीज छोड़कर हट गए।

क्यों हुआ बीच मैदान में ड्रामा?

यह पूरी घटना रावलपिंडी की पारी के 9वें ओवर में हुई। उस्मान तारिक जब गेंदबाजी के लिए आए, तो उनके रन-अप और रिलीज के बीच के लंबे पॉज ने मिचेल को परेशान कर दिया। मिचेल का मानना था कि यह ठहराव बल्लेबाज की टाइमिंग बिगाड़ने के लिए किया जा रहा है, जो खेल भावना के विपरीत है। जब तारिक चौथी गेंद फेंकने वाले थे, तब मिचेल आखिरी वक्त पर क्रीज से हट गए। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस शुरू हो गई, जिसे शांत कराने के लिए अंपायरों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

आर अश्विन की सलाह पर चले मिचेल?

दिलचस्प बात यह है कि इस विवाद के बाद भारतीय दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का एक पुराना सुझाव चर्चा में आ गया है। अश्विन ने पहले ही कहा था कि अगर कोई गेंदबाज इस तरह के 'स्टॉप-स्टार्ट' एक्शन का इस्तेमाल करता है, तो बल्लेबाजों को क्रीज से हट जाना चाहिए ताकि अंपायर उसे 'डेड बॉल' घोषित कर सकें। सोशल मीडिया पर फैंस का कहना है कि मिचेल ने अश्विन की इसी रणनीति को मैदान पर लागू किया। अश्विन ने भी सोशल मीडिया पर मिचेल का समर्थन करते हुए कहा कि अगर गेंदबाज का पॉज एक जैसा नहीं है, तो बल्लेबाज को हटने का पूरा अधिकार है।

उस्मान तारिक का एक्शन पहले भी रहा है विवादों में

उस्मान तारिक का बॉलिंग एक्शन पहली बार सवालों के घेरे में नहीं आया है। वे पहले भी संदिग्ध एक्शन के लिए रिपोर्ट किए जा चुके हैं, हालांकि पीसीबी की बायोमैकेनिकल टेस्टिंग में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी। तारिक का दावा है कि उनकी कोहनी में 'डबल जॉइंट' होने के कारण उनका एक्शन ऐसा दिखता है। हालांकि, मिचेल जैसे अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का इस तरह विरोध करना यह बताता है कि आने वाले समय में आईसीसी को इस तरह के 'पॉज' वाले एक्शन पर सख्त नियम बनाने पड़ सकते हैं।