झारखंड कांग्रेस में जान फूंकने की तैयारी, 25 नवंबर तक होगा जिला अध्यक्षों और ब्लॉक कमेटियों का पुनर्गठन
News India Live, Digital Desk: झारखंड में कांग्रेस पार्टी अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और नई ऊर्जा भरने की तैयारी में जुट गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश के बाद प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिलों में संगठन का पुनर्गठन करने का फैसला किया है। इसके तहत 25 नवंबर तक सभी जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति और ब्लॉक कमेटियों का पुनर्गठन कर लिया जाएगा।
प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश
यह फैसला सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। इस बैठक में झारखंड कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश मौजूद थे। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों के साथ संगठन की मजबूती पर चर्चा की और भविष्य की रणनीति तैयार की।
बैठक में अविनाश पांडे ने साफ तौर पर कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना पार्टी की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति और ब्लॉक कमेटियों का पुनर्गठन हर हाल में 25 नवंबर तक पूरा हो जाना चाहिए।
क्यों हो रहा है यह पुनर्गठन?
यह फेरबदल कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- आगामी चुनावों की तैयारी: झारखंड में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस इस पुनर्गठन के जरिए चुनावी मशीनरी को चुस्त-दुरुस्त करना चाहती है।
- युवा चेहरों को मौका: माना जा रहा है कि इस बार कई जिलों में युवा और ऊर्जावान चेहरों को पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है, ताकि संगठन में नई सोच और जोश का संचार हो सके।
- असंतोष को दूर करना: पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर कई स्तरों पर असंतोष की खबरें आ रही थीं। इस पुनर्गठन के जरिए पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और असंतोष को खत्म करने का प्रयास कर रहा है।
- संगठनात्मक निष्क्रियता: कई जिलों और ब्लॉकों में संगठन की गतिविधियां सुस्त पड़ गई थीं। नए चेहरों को मौका देकर पार्टी इस निष्क्रियता को तोड़ना चाहती है।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट है और यह पुनर्गठन संगठन को और अधिक गतिशील और प्रभावी बनाएगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से इस प्रक्रिया में सहयोग करने और पार्टी की मजबूती के लिए काम करने का आह्वान किया। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस फेरबदल के बाद किन नए चेहरों को झारखंड कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती हैं