बैंक घोटाले में झूठे आरोप लगने के बाद प्रीति जिंटा बेहद परेशान

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मुंबई – न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक का 18 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किए जाने की खबरों से प्रीति जिंटा काफी व्यथित हैं और उन्होंने इस खबर को दिखाने वाले पोर्टल के साथ-साथ इसे फैलाने वाली कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर भी अपना गुस्सा निकाला है। 

मुंबई का न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक इस समय खस्ता हालत में है और रिजर्व बैंक ने उस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। बैंक में 122 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा होने के बाद इसके शीर्ष अधिकारियों को जेल भेज दिया गया है। 

एक पोर्टल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रीति ने इस बैंक से 18 करोड़ रुपये का ऋण लिया था, जिसे बिना उचित प्रक्रिया के माफ कर दिया गया। 

प्रीति ने एक बयान जारी कर इस दावे का खंडन किया। उन्होंने बताया कि वह दस साल पहले ही यह ऋण चुका चुके हैं और उनका ऋण खाता पहले ही बंद हो चुका है। उन्होंने कहा कि अपने करियर में इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है और कई त्याग किए हैं। इतने संघर्ष के बाद अर्जित प्रतिष्ठा को वह धूल में नहीं मिलने देंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस फर्जी खबर पर विश्वास न करें और इसे न फैलाएं।