झारखंड में सियासी पारा हाई, 5 दिसंबर से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र

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News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है क्योंकि हेमंत सोरेन सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तारीखों की घोषणा कर दी है। यह महत्वपूर्ण सत्र 5 दिसंबर से शुरू होगा और 11 दिसंबर तक चलेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस पांच दिवसीय सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं, क्योंकि एक तरफ सरकार अपना विधायी एजेंडा पूरा करना चाहेगी, तो दूसरी ओर विपक्ष ने भी सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है।

क्या होगा सत्र में खास?

इस छोटे से सत्र में सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण कार्य हैं। सबसे प्रमुख एजेंडा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दूसरा अनुपूरक बजट पेश करना और उसे सदन से पारित कराना होगा। इसके अलावा, सरकार कई नए विधेयक भी लाने की तैयारी में है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनसे जुड़े बिल इस सत्र में पेश किए जा सकते हैं।

कैबिनेट के कुछ बड़े फैसले जो सत्र में आ सकते हैं:

  • 'मांगुर' बनेगी राजकीय मछली: देसी 'क्लेरियस मांगुर' मछली को राजकीय मछली का दर्जा देने का प्रस्ताव सदन में लाया जाएगा, ताकि इसके उत्पादन और संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
  • नए आपराधिक कानून: केंद्र द्वारा लागू तीन नए आपराधिक कानूनों को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मॉडल नियम बनाने पर भी सदन की मंजूरी ली जा सकती है।
  • नई भर्तियां: इंडिया रिजर्व बटालियन में वायरलेस सब-इंस्पेक्टर जैसे पदों पर भर्ती के लिए नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी आ सकता है।

विपक्ष की घेराबंदी की तैयारी

विपक्षी दल, खासकर बीजेपी, इस सत्र में सरकार को चैन से बैठने नहीं देने वाली। विपक्ष के पास कानून-व्यवस्था की स्थिति, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे कई ज्वलंत मुद्दे हैं, जिन पर वे सरकार से जवाब मांगेंगे। माना जा रहा है कि विपक्ष इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाकर सदन की कार्यवाही को बाधित करने का प्रयास कर सकता है, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने वित्तीय और विधायी कार्यों को विपक्ष के हंगामे के बीच कैसे पूरा कर पाती है। यह सत्र हेमंत सोरेन सरकार के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।