वाराणसी में आधी रात को झुग्गियों में पहुंच रही पुलिस, एक-एक की हो रही है पहचान, जानिए क्या है पूरा मामला

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उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी वाराणसी में इन दिनों पुलिस एक बड़े और खास मिशन पर है। शहर की झुग्गी-झोपड़ियों से लेकर गली-गली घूमने वाले फेरीवालों तक, हर किसी पर नजर रखी जा रही है। वाराणसी पुलिस ने बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अन्य संदिग्ध घुसपैठियों का पता लगाने के लिए 7 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू किया है।

क्यों चलाया जा रहा है यह अभियान?

पुलिस का मकसद साफ है - ऐसे लोगों की पहचान करना जो बिना किसी कानूनी इजाजत या वैध दस्तावेजों के शहर में रह रहे हैं। पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने बताया कि इस अभियान के तहत झुग्गियों में रहने वाले हर व्यक्ति और फेरी लगाकर सामान बेचने वालों की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि शहर में कोई भी अवैध रूप से न रह रहा हो।

कैसे हो रही है जांच?

इसके लिए पुलिस की स्पेशल टीमें बनाई गई हैं जो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जाकर जांच कर रही हैं। यह टीमें झुग्गी-बस्तियों में जाकर हर एक व्यक्ति से पूछताछ कर रही हैं।

  • पूरी जानकारी की जा रही दर्ज: हर व्यक्ति की फोटो खींची जा रही है और उनकी पूरी जानकारी एक खास फॉर्म में भरी जा रही है, जिसमें उनका नाम, पता और पृष्ठभूमि शामिल है।
  • बैकग्राउंड चेक: पुलिस यह भी जांच रही है कि व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है या वह किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल तो नहीं रहा है।
  • बड़े अधिकारी रख रहे नजर: इस पूरे अभियान पर गोमती जोन के डीसीपी आकाश पटेल और एडिशनल डीसीपी वैभव बांगर जैसे बड़े अधिकारी खुद नजर बनाए हुए हैं, ताकि जांच में कोई कोताही न हो।

सरकार का है सख्त निर्देश

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन निर्देशों का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उत्तर प्रदेश में अवैध गतिविधियों, फर्जी पहचान बनाकर रहने वालों या देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार का संदेश साफ है कि कानून सबके लिए बराबर है और जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की होगी, तो कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी अवैध रूप से रहते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।